सुबह से लेकर दोपहर बाद तक जाम की चपेट में रहे गली से लेकर चौराहे
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लोलार्क षष्ठी पर्व पर यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने और शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए शुक्रवार को वाराणसी में लागू रूट डायवर्जन पूरी तरह नाकाम रहा। नतीजा रहा कि समूचा शहर जाम से कराहता नजर आया। शहर में वीआईपी मेहमानों और लोलार्क षष्ठी पर्व पर डायवर्जन के बाद भी आधा शहर जाम की चपेट में रहा। सुबह से दोपहर बाद तक शहर के कई इलाकों वाहन रेंगते रहे। राहगीर उमस भरी गर्मी से परेशान हुए।
लोलार्क षष्ठी पर्व पर अस्सी से दशाश्वमेध घाट मार्ग पर नो एंट्री के कारण भी जाम की समस्या गंभीर रही। यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने जगह-जगह बैरीकेडिंग कर डायवर्जन लागू किया था। चौराहों पर पुलिस भी तैनात थी। बावजूद इसके लोगों को जाम से जूझना पड़ा।
दुर्गाकुंड से लेकर लंका तक रेंगते रहे वाहन
शिवाला चौराहे पर बैरिकेडिंग किए जाने से सोनारपुरा- गोदौलिया सड़क जाम की चपेट में रहा। भेलूपुर- सोनारपुरा मार्ग पर एकल व्यवस्था लागू किया गया था। यहां से सभी वाहनों को विजया चौराहा भेजा जा रहा था। उधर किनाराम मार्ग और शिवाला तीराहा मार्ग पर डायवर्जन होने से समूचा दबाव विजया चौराहे पर आ गया। इससे भेलूपुरा जाने वाले और दुर्गाकुंड से आने वाले मार्ग अत्यधिक यातायात दबाव के चलते जाम हो गए। इसका असर यह हुआ दुर्गाकुंड से लेकर लंका तक जाम की चपेट में आ गया।
गलियों में भी लगा जाम
शुक्रवार शाम मंडुवाडीह चौराहे पर लगा जाम
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भेलूपुरा पर लगे जाम के चलते यात्री यहां से ऑटो से उतरकर पैदल ही कुंड के लिए जा रहे थे। रविंद्रपूरी में किनाराम से लेकर पदमश्री चौराहे तक दोनों लेन में वाहन खड़े थे। यहां यातायात विभाग के अधिकारी भी ट्रैफिक कंट्रोल करने में नाकाम साबित हो रहे थे।
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इन क्षेत्रों में रहा जाम
लंका बैंक ऑफ बड़ौदा से विजया चौराहा, भेलूपुरा, सोनारपुरा, पांडेयहवेली, दुर्गाकुंड, चेतमणी, कमच्छा, विनायका कोल्हूआ, रथयात्रा महमूरगंज, गोदौलिया, गिरजाघर, लक्शा नई सड़क, बेनियाबाग, भीखारीपुर तिराहा और लंका जाम की चपेट में रहे।