नदेसर स्थित दूरदर्शन के सामने लगा लंबा जाम।
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दरअसल, राष्ट्रपति बरेका गेस्ट हाउस से सुबह 11.20 बजे नदेसर स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम के लिए निकले तो 40 मिनट पूर्व ही मंडुवाडीह क्षेत्र में आवागमन रोक दिया गया। बरेका गेस्ट हाउस से निकलने के दौरान बरेका के सभी द्वार को बंद कर दिया गया। उसी समय सेंट जॉन्स स्कूल की छुट्टी हुई तो बरेका-चितईपुर मार्ग पर जाम और बढ़ गया। इसके साथ ही मंडुवाडीह चौराहा से लेकर लहरतारा से कैंट, अंधरापुल तक वाहनों का आवागमन रोक दिया गया। डिवाइडर के बीच में बांस बल्ली से की गई बैरिकेडिंग के चलते लोगों को फजीहत हुई। मोड़ पर घूमने के लिए लोगों को लंबा टर्न लेना पड़ा।
सभी दुकानें रहीं बंद
नदेसर मिंट हाउस इलाके में सभी दुकानों को बंद करा दिया गया। वरूणा पुल के पास भी बैरिकेडिंग कर नदेसर आने वाले वाहनों को रोका गया। इसके चलते नदेसर, कचहरी और सर्किट हाउस से भोजूबीर रोड पूरी तरह जाम की चपेट में रहा। सुबह 10 बजे से ही जाम लगने का क्रम शुरू हुआ तो दोपहर एक से दो बजे तक जारी रहा। इसी बीच जाम में मंडुवाडीह और ककरमत्ता रोड पर एंबुलेंस भी फंसी रही।
डग्गामार बसों पर नहीं लागू हुआ डायवर्जन
राष्ट्रपति के कार्यक्रम के दौरान यातायात पुलिस ने शहर में डायवर्जन लागू किया था और बाहर से आने वाली रोडवेज और निजी बसों को शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं थी। कैंट रोडवेज बस स्टेशन पर गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया, जौनपुर आवाजाही करने वाली बसें सुबह से लेकर दोपहर तक नहीं पहुंची, लेकिन वाराणसी-आजमगढ़, वाराणसी-जौनपुर मार्ग पर चलने वाली डग्गामार बस वाले कैंट स्टेशन के ठीक सामने खड़ी होकर सवारियां बैठाते रहे। एक-दो बस नहीं बल्कि एक साथ तीन से चार बसें खड़ी होकर बीच शहर से होकर आजमगढ़ व जौनपुर के लिए निकलती रहीं। जबकि डायवर्जन के मुताबिक आजमगढ़ से आने वाली बसें अंडरपास गोइठहां के पास रोकी जाएंगी। रोडवेज बसें तो रुकीं, लेकिन डग्गामार बसों पर डायवर्जन का कोई असर नहीं रहा।