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Varanasi News: दवा की दुकानों में जले उपकरण, जेई को तीन घंटे तक बनाया बंधक; लिखित में मानी गलती तब छोड़ा

Sun, 01 Sep 2024 04:37 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में सप्तसागर मंडी में दवा की दुकानों में उपकरण जलने पर व्यापारी आग बबूला हो गए। उन्होंने जेई को बंधक बनाकर प्रदर्शन किया। गलत तरीके से तार जोड़ने का आरोप लगाया।
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सप्तसागर मंडी में जेई को बंधक बनाकर रखा दवा विक्रेताओं ने। - फोटो : स्वयं
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विस्तार
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सप्तसागर दवा मंडी में शनिवार को शॉर्ट सर्किट से दवा की दुकानों में रखे कंप्यूटर, प्रिंटर, पंखा, एसी सहित अन्य उपकरण जल गए। दवा विक्रेताओं ने बिजली निगम के कर्मचारियों पर गलत तरीके से तार जोड़ने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे जेई को विक्रेताओं ने करीब तीन घंटे तक बंधक बनाया।

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विरोध बढ़ता देख जेई ने अर्थ में फेस आने की वजह से 20 दवा विक्रेताओं के उपकरण जलने की बात लिखी तब जाकर लोगों ने उन्हें रिहा किया। उधर, मामले में मुख्य अभियंता ने अधीक्षण अभियंता को जांच सौंपी है।

दवा मंडी में शनिवार दोपहर में दवा विक्रेताओं ने बिजली उपकेंद्र को तारों के शॉर्ट सर्किट होने की सूचना दी। इसके बाद यहां कर्मचारी पहुंचे और तार जोड़ने लगे। बताया जा रहा है कि इस दौरान कर्मचारियों ने अर्थ में फेस का तार जोड़ दिया। इस कारण वहां आग लग गई। दवा विक्रेता समिति के महामंत्री संजय सिंह और अन्य पदाधिकारी भी पहुंचे।
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बताया कि मुख्य अभियंता एके सिंघल को भी जानकारी दी गई। इसके बाद मुख्य अभियंता, अधिशासी अभियंता आरके गौतम के हस्तक्षेप के बाद दवा विक्रेता माने। इस दौरान धर्मेंद्र अग्रवाल, त्रिलोकी यादव, अशोक सिंह, अनिल शाह, अतुल जैन, अनूप जायसवाल आदि विक्रेता मौजूद रहे। 

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मुआवजा नहीं तो आंदोलन

संजय सिंह ने चेतावनी दी कि अगर दवा विक्रेताओं को नुकसान का मुआवजा बिजली निगम की ओर से नहीं दिया गया तो आंदोलन किया जाएगा। कहा कि दवा के कारोबार से हर दिन करोड़ों रुपये की जीएसटी, इनकम टैक्स का भुगतान किया जाता है।

रिपोर्ट पर होगी कार्रवाई
मुख्य अभियंता ने बताया कि अधीक्षण अभियंता द्वितीय एके वर्मा को मामले की जांच सौंपी गई है। वह मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेंगे। इसके बाद जो रिपोर्ट देंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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