संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के वेद विभाग में चल रहे संवत्सरव्यापी चतुर्वेद स्वाहाकार विश्वकल्याण महायज्ञ 90 दिनों में पूर्ण हुआ। इसके साथ ही श्री शांतिदेवी विद्यापीठ जोधपुर राजस्थान की ओर से अग्निहोत्री विद्वान पुखराज बिस्सा के आचार्यत्व में सात दिवसीय नौ कुंडीय रुद्र महायज्ञ जलयात्रा और अरिण मंथन के साथ प्रारंभ हुआ।
रविवार को जलयात्रा की शुरूआत करते हुए कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि मांगलिक कार्यक्रम के पूर्व जलयात्रा सभी तीर्थों की उपस्थिति का प्रतीक है। इससे तीर्थों की सन्निधि में यज्ञ करने से पुण्य की वृद्धि एवं मानव जीवन में सुख समृद्धि का संचार होता है।
यज्ञ के प्रथम दिन अरणि मंथन के द्वारा भगवान अग्निदेव को प्रकट कर अग्निस्थापना की गई और रुद्र महायज्ञ आरंभ हो गया। जोधपुर से आए अग्निहोत्री पुखराज बिस्सा ने बताया कि विश्वविद्यालय में विश्वकल्याण के लिए अनवरत चल रहे यज्ञ की यज्ञशाला में देवताओं के सान्निध्य का साक्षात अनुभव हो रहा है, विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे इस पवित्र कार्य से संपूर्ण देश लाभान्वित हो रहा तथा सर्वत्र प्रशंसा हो रही है।
आज इस यज्ञ की सुगंध और ऊर्जा का ही प्रभाव है कि देशभर की अनेकों संस्थाएं सहभाग करने की इच्छुक हैं,जो कि शीघ्र ही जुड़ेगी। यज्ञ के संयोजक एवं आचार्य डॉ. विजय कुमार शर्मा ने बताया कि वर्ष पर्यंत चलने इस यज्ञ में कोई भी सनातनी भाग ग्रहण कर सकता है। तीन माह में अनेक श्रद्धालुओं ने इस महनीय कार्य में अपना योगदान देकर पुण्य लाभ लिया है और भी अनेक भक्तजनों का प्रस्ताव आया है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय विकास समिति के सदस्यों ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वकल्याण महायज्ञ को आरंभ करने का संकल्प पूर्णता को प्राप्त कर रहा है। इस अवसर पर कुलसचिव राकेश कुमार,प्रो. रामकिशोर त्रिपाठी, प्रो. रामपूजन पांडेय मौजूद रहे।
प्रो. राजकुमार बने नागरीप्रचारिणी पत्रिका के संपादक
बीएचयू हिंदी विभाग के प्रो. राजकुमार को काशी नागरीप्रचारिणी सभा की ओर से प्रकाशित होने वाली नागरी प्रचारिणी पत्रिका का संपादक मनोनीत किया गया है। पूर्व में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग और नागरी प्रचारिणी सभा एक साथ मिलकर हिंदी साहित्य और समाज के विकास में योगदान दिया करते थे। लंबे समय से यह परंपरा बंद थी लेकिन इस परंपरा को फिर से जीवित किया जा रहा है।