रामकटोरा में सोमवार की रात सीमेंट कारोबारी अरविंद गुप्ता की हत्या अपमान का बदला लेने के लिए की गई थी। गाजीपुर के सैदपुर निवासी ईशान चौबे ने अपने दोस्त अरुण गुप्ता की मदद से हथौड़े से वार कर हत्या की। ईशान ने पिता के अपमान का बदला लेने के लिए हत्या की थी पुलिस ने सोमवार की देर रात ही दोनों आरोपियों को सैदपुर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि हत्या के बाद लूटपाट भी की गई थी। उनके पास से 3.20 लाख रुपये, बाइक और दो मोबाइल बरामद किए गए। हथौड़ा घटनास्थल से ही बरामद कर लिया गया था। इस पूरे मामले का खुलासा मंगलवार की शाम पुलिस लाइन के नवीन संगोष्ठी सदन में एसपी क्राइम राहुल राज ने किया।
चेतगंज के रामकटोरा (बाग कन्हैयालाल मोहल्ला) में रहने वाले अरविंद गुप्ता (53) की सोमवार की रात उनके आफिस में घुसकर हत्या कर दी गई थी। आफिस में लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद से पुलिस ने रात में ही हमलावरों की पहचान कर ली थी। अरविंद के घरवालों ने ही उनकी पहचान बताई थी। पुलिस ने देर रात ईशान और अरुण को सैदपुर से गिरफ्तार कर लिया। ईशान ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसके पिता का सैदपुर में सीमेंट का कारोबार था। अरविंद के यहां से सामान खरीदते थे। तीन साल पूर्व वह पिता के साथ अरविंद के आफिस में गया था। उन्होंने पूरा भुगतान करने पर ही सीमेंट देने को कहा। पैसे न देने को लेकर पिता को अपमानित किया।
कुछ दिनों बाद ही पिता की कैंसर से मौत हो गई। पिता का कारोबार वह देखने लगा। आरोप है कि अरविंद उसे भी अपमानित करते थे। सोमवार की शाम वह सैदपुर में पान बेचने वाले अरुण गुप्ता को लेकर वाराणसी पहुंचा। मलदहिया लोहा मंडी से 368 रुपये में हथौड़ा खरीदा। रास्ते में शराब भी पी। रात करीब आठ बजे दोनों अरविंद के घर पहुंचे। वह भूतल स्थित अपने आफिस में बैठे थे। करीब पंद्रह मिनट तक बातचीत हुई। अरविंद की पत्नी सरला और बेटा शशांक भी इस दौरान आफिस से होकर गुजरे। पूर्व परिचित होने के चलते किसी को कोई शक नहीं हुआ। बातचीत के दौरान ही ईशान ने अरविंद के सिर पर एक के बाद एक तीन वार किए। कैश बाक्स में रखे 3.20 लाख, दो पेन ड्राइव लेकर दो सीसीटीवी कैमरे और एक एलसीडी तोड़ते हुए वह भाग निकले।
पुलिस ने देर रात दोनों को सैदपुर से गिरफ्तार कर लिया। यूपी कालेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई करनेे के बाद ईशान कारोबार में जुट गया था। गिरफ्तारी करने वाली टीम में क्राइम ब्रांच ने एसपी सिंह, सुनील कुमार वर्मा, एएन सिंह, इंस्पेक्टर चेतगंज अंजय कुमार सिंह, इंस्पेक्टर जैतपुरा जेएन तिवारी, राजेश राय, कमलेश राय आदि शामिल थे। एसएसपी जोगेंद्र कुमार को टीम को पांच हजार और डीआईजी एसके भगत ने 15 रुपये इनाम देने की घोषणा की है। वहीं घटना के खुलासे के दौरान पुलिस लाइन में पुलिस को धन्यवाद देने के लिए बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।