इसके बाद शाम को काशी पुराधिपति के तिलकोत्सव की रस्म विधि विधान से अदा की जाएगी। शाम 6 बजे बाबा की प्रतिमा का तिलक कार्यक्रम और शाम 7 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां होगी।
उन्होंने बताया कि भवन ढहने से उसके मलबे में दबकर बाबा का सिंहासन क्षतिग्रस्त हो गया था। ऐसे में इस साल बाबा का तिलकोत्सव लकड़ी की चौकी पर कुश व गंगा मिट्टी से बने सिंहासन पर होगा। इसी पर बाबा की रजत प्रतिमा को रखकर तिलकोत्सव की रस्म अदा की जाएगी।