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तिलकोत्सव: सप्तर्षि आरती से पहले बाबा विश्वनाथ को चढ़ेगा तिलक, माता गौरा के गौना तक कार्यक्रम; तैयारी

Thu, 22 Jan 2026 04:56 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वसंत पंचमी पर काशी की लोक परंपरा के अनुसार होगा बाबा का तिलक होगा। हर वर्ष टेढ़ीनीम स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत आवास पर बाबा विश्वनाथ की पंचबदन चल प्रतिमा का विधि-विधानपूर्वक तिलकोत्सव किया जाता है। 
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काशी विश्वनाथ मंदिर। - फोटो : मंदिर प्रशासन
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विस्तार
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सप्तर्षि आरती से पहले ही बाबा विश्वनाथ को कल तिलक चढ़ाया जाएगा। सूर्योदय के बाद और शाम के सात बजे से पहले ही बाबा का विवाह का 500 साल पुराना अनुष्ठान शुरू हो जाएगा। बाबा विश्वनाथ का तिलकोत्सव की जिम्मेदारी इस बार दशाश्वमेध स्थित सिद्धपीठ बड़ी शीतला माता मंदिर को दी गई है। 

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मंदिर के महंत परिवार की ओर से काशीपुराधीश्वर बाबा विश्वनाथ का तिलकोत्सव पूरा कराया जाएगा। 15 फरवरी को शिव विवाह और 27 फरवरी को रंगभरी एकादशी पर माता गौरा के गौना तक कार्यक्रम चलता रहेगा। वहीं विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत आवास पर ही बाबा विश्वनाथ की पंचबदल चल प्रतिमा का काशी के परंपराओं के अनुसार सजावट किया जाएगा। 

सबसे पहले बृहस्पतिवार को तिलकोत्सव से संबंधित सभी सामग्री बड़ी शीतला माता मंदिर से बांसफाटक स्थित धर्म निवास परिसर में माैजूद श्रीयंत्र पीठम में लाई जाएगी। यहीं से शुक्रवार की शाम को शुभ समय पर तिलकोत्सव का पारंपरिक आयोजन शुरू हो जाएगा। महंत लिंगिया महाराज के नेतृत्व में तिलकहरू आएंगे। 

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बाबा को दूल्हे के रूप में तिलक अर्पित करेंगे काशीवासी : काशी की लोकपरंपरा में वसंत पंचमी का विशेष महत्व है। यह बाबा विश्वनाथ के शगुन और मांगलिक अनुष्ठानों का दिन है।वसंत पंचमी से ही बाबा विश्वनाथ का वैवाहिक कार्यक्रम तिलकोत्सव से शुरू हो जाता है। काशीवासी बाबा को दूल्हे के रूप में तिलक अर्पित करते हैं। 

सप्तर्षि आरती से पहले होगा तिलकोत्सव : शुक्रवार की शाम शुभ लग्न के अनुसार विश्वनाथ मंदिर में होने वाली सप्तर्षि आरती से पहले ही बाबा विश्वनाथ का तिलकोत्सव कर लिया जाएगा। वैदिक विधि-विधान के साथ काशीवासी बाबा को तिलक अर्पित करेंगे। वसंत पंचमी से लेकर रंगभरी एकादशी तक बाबा विश्वनाथ विवाहोत्सव के भाव में रहते हैं। रंगभरी एकादशी के दिन गौरा को गौना लेकर बाबा काशी विश्वनाथ धाम में आते हैं।

11 वैदिक ब्राह्मण करेंगे पंचबदन प्रतिमा की पूजा
शिव विवाह का कार्यक्रम शिवांजलि के नाम से होता है। इसके संयोजक संजीव रत्न मिश्र ने बताया कि तिलकोत्सव से पूर्व टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया जाएगा। मोहिनी देवी के साथ अंकशास्त्री महंत वाचस्पति तिवारी और 11 वैदिक ब्राह्मणों के साथ पंचबदन प्रतिमा का विशेष पूजन होगा। फिर बाबा का भव्य शृंगार किया जाएगा। 
 
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वैदिक विधि-विधान से होगा बाबा का तिलक
बाबा विश्वनाथ की पंचबदन चल प्रतिमा को विशेष रूप से सजाकर वैदिक विधि-विधान के साथ तिलक किया जाएगा। उपमहंत अवशेष पांडेय ने बताया कि शुक्रवार को श्रीयंत्र पीठम से बाबा विश्वनाथ का तिलकोत्सव लेकर टेढ़ीनीम स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत आवास के लिए निकलेगा। बड़ी शीतला माता मंदिर के श्रीमहंत शिवप्रसाद पांडेय ‘लिंगिया महाराज’ के नेतृत्व में तिलकहरू आएंगे। 
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