अगले दिन सुबह बहन लक्ष्मी मां के कहने पर चाय देने के लिए राहुल के बिस्तर के पास गई तो वह वहां नहीं था। बिस्तर ऐसे लगाया गया था कि जिसे देखने पर लग रहा था कि वह चादर ओढ़कर सो रहा है। वह रात से ही लापता था। रोशन ने बताया कि राहुल तीन चार दिनों से गुमसुम रहता था। बाद उसकी खोजबीन शुरू हुई।
एक दिन पहले वह कोटेदार के यहां गेहूं लेने गया था। उस दिन गेहूं नहीं मिला। परिजनों को लगा के राहुल कोटे की दुकान प गेहूं लेने गया होगा। वहां जाकर पता किया तो वह वहां पर भी नहीं मिला। उसका मोबाइल चारपाई पर तकिया के नीचे था। थक हार कर परिजन गैपुरा पुलिस को सूचना देने के बाद 26 अप्रैल को विंध्याचल थाने पहुंचे। गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मंगलवार सुबह पांच बजे जब लोग नदी की ओर गए तो एक शव दिखा।
शव में पेट की तरफ 50 किलो से ज्यादा के वजन का पत्थर प्लास्टिक की रस्सी से बांधा गया था। पास जाकर देखने शव राहुल प्रजापति का निकला। सूचना परिजनों को दी गई। खबर मिलते ही मां मालती देवी बेसुध हो गई। भाई रोहित, रोशन, रोहन, बहन लक्ष्मी व पिता झब्बर बिलखने लगे।
घटना की सूचना मिलते ही विंध्याचल के थानाध्यक्ष अविनाश प्रकाश राय, गैपुरा चौकी प्रभारी सुरेशचंद दुबे पहुंचे। छानबीन की। फाॅरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल की। राहुल के भाई रोशन ने कहा कि गला दबाकर हत्या करने के बाद शव का पता न चले इसके लिए पत्थर बांध कर नदी में शव को फेंक दिया गया था। शव सुबह नदी में मिला।
चार भाईयों में छोटा था राहुल
राहुल चार भाइयों छोटा था। उसके तीनो भाई पुणे रहकर निजी कंपनी में काम करते हैं। राहुल राजकीय औद्योगिक संस्थान से 2024 में आईटीआई कर घर पर माता-पिता व छोटी बहन लक्ष्मी के साथ रहता था। पिता कुम्हार हैं।
मोबाइल से खुल सकता है राज
जिगना। चर्चा है कि रात में किसी का फोन आया था उसके बाद राहुल घर से निकला है। छोटे भाई रोशन ने बताया कि मोबाइल मिलने के बाद उसका लाॅक खोला गया तो फोन रिसेट हो गया। फोन अब पुलिस के हवाले है। डेटा रिकवर होने पर सीडीआर रिपोर्ट से कुछ सच्चाई सामने आएगी।
शव मिलने के बाद फाॅरेंसिक टीम ने जांच की है। परिजनों की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। जल्द मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। - विवेक जावला, सीओ सिटी