धोखाधड़ी का तरीका
एसपी ग्रामीण ने बताया कि अभियुक्तों का निहासा मैनपावर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड नामक फर्म का एक संयुक्त खाता था। प्रशांत सिंह उर्फ लकी ने आनंद राव और सुनील से कमीशन पर खाते उपलब्ध कराने को कहा। आनंद राव और सुनील ने अपनी फर्म का खाता प्रशांत सिंह को दे दिया। प्रशांत सिंह ने इस खाते का विवरण अपने सहयोगी मोनू सिंह को दिया। खाते में भारी मात्रा में लेनदेन हुआ, जिसका कमीशन पहले से तय प्रतिशत पर सभी को प्राप्त हुआ। इस खाते में 14 नवंबर 2025 से 18 नवंबर 2025 तक की अवधि में कुल 4 करोड़ 85 लाख 21 हजार 110 रुपये का लेनदेन हुआ था।
गिरफ्तारी और बरामदगी
एसपी ग्रामीण उपनिरीक्षक रजत सिंह की रिपोर्ट के आधार पर साइबर क्राइम थाने में आनंद राव और सुनील के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। विवेचना के दौरान प्रशांत सिंह उर्फ लकी का नाम भी सामने आया। विस्तृत पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीनों अभियुक्तों आनंद राव, सुनील और प्रशांत सिंह उर्फ लकी को बुधवार को हिरासत में लिया गया। उनके पास से पांच मोबाइल फोन, दो एटीएम कार्ड और 3860 रुपये नकद बरामद हुए। इस कार्रवाई में थाना साइबर क्राइम की टीम शामिल थी।