प्राचीन दुर्गा मंदिर पर चिपकाया गया पोस्टर
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पुलिस की छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी हो सकती है इसका अंदाजा लगाना कठिन है। पुलिस द्वारा मुहर्रम जुलूस के दौरान हुए दोनों संप्रदायों के बीच झगड़े, गाली-गलौज को ठीक से निपटारा कराया गया होता तो ये धमकी भरा पत्र चट्टी-चौराहों पर न चिपकाया होता।
हालांकि पुलिस पूरी तरह अपने को सक्रिय दिखाते हुए दो संप्रदायों के झगड़े को सुलझाने का प्रयास कर रही है। जानकारी के अनुसार लोहता थाना अंतर्गत पड़ने वाले कोटवा चौकी स्थित कोटवा बाजार में हिंदू-मुसलमान आमने-सामने हो गए है। बताया गया कि कोटवा ग्राम में स्थित चौरा माता मंदिर की दीवार पर गांव के तीन लोगों के नाम से मां-बहन की भद्दी-भद्दी गलियां और धमकी भरे पत्र स्वतंत्रता दिवस के दिन यानि बीते सोमवार को चिपकाये जाने से गांव में तनाव है।
पीड़ित अभिलाष कुमार सिंह उर्फ मोनू ने लोहता थानाध्यक्ष को लिखित तहरीर देने लगे तो उन्होंने तहरीर लेने से इनकार कर दिया और कोटवा चौकी प्रभारी से बात करने को कह कर इस मामले को टाल दिया। लेकिन पुलिस की खुफिया विभाग ने इस प्रकरण को गम्भीरता से संज्ञान में लेकर अपनी रिपोर्ट पुलिस विभाग के उच्चाधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के लिये भेज दिया। उधर पीड़ित पक्ष ने यूपी काप एप और शोसल मिडिया के द्वारा समाज के अवांछनीय तत्वों के खिलाफ कार्यवाही करने की गुहार लगाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।