वाराणसी। इस सावन में कांवरिये रोपवे के दो स्टेशनों के नीचे से गुजरेंगे। गिरजाघर टेक्निकल स्टेशन और गोदौलिया टर्मिनल स्टेशन का निर्माण कार्य चलने के कारण अब तक यह मार्ग बंद था। अब निर्माण सामग्री हटाने के साथ यहां सड़क तैयार कर दी गई है।
गिरजाघर और गोदौलिया में रखे बड़े-बड़े गार्डर भी हटाए जा रहे हैं। 30 जुलाई से इस मार्ग को खोलने की कार्ययोजना बनाई गई है। रोपवे परियोजना के दूसरे चरण में रथयात्रा से गिरजाघर तक रोप (केबल) डालने का काम चल रहा है। सावन की शुरुआत 30 जुलाई से हो रही है। ऐसे में इस बार कांवरिये रोपवे स्टेशनों के नीचे से होकर गुजरेंगे।
महत्वाकांक्षी रोपवे परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब यह अंतिम चरण में है। उम्मीद जताई जा रही है कि सावन के बाद इसका संचालन शुरू कर दिया जाएगा। स्विट्जरलैंड के इंजीनियरों की देखरेख में निर्माण कार्य जारी है। कैंट से गोदौलिया के बीच रोपवे के पांच स्टेशन बनाए गए हैं। इसकी कुल लंबाई 3.75 किलोमीटर है। इसका मुख्य उद्देश्य कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सुगम शहरी परिवहन उपलब्ध कराना है।
यह शहरी परिवहन के लिए देश की पहली रोपवे परियोजना होगी। इस परियोजना में 29 टावर बनाए गए हैं। इसकी अनुमानित लागत 815.58 करोड़ रुपये है, जिसमें 15 वर्षों का संचालन और रखरखाव भी शामिल है। रोपवे पर कुल 150 ट्रॉली कारें चलेंगी, जो हर पांच सेकंड के अंतराल पर संचालित होंगी। अधिकारियों ने बताया कि सावन में आने वाले कांवरियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गिरजाघर और गोदौलिया क्षेत्र में निर्माण संबंधी बाधाओं को तेजी से दूर किया जा रहा है।