विद्वत परिषद ने अर्चकों के लिए भी ड्रेस कोड निर्धारित करने का सुझाव मंदिर प्रशासन को दिया। उन्होंने कहा कि अर्चकों के लिए चौबंदी और बगलबंदी वाली ड्रेस निर्धारित की जाए। इससे भीड़ में भी वह आसानी से पहचाने जा सकेंगे। मंत्री ने विद्वानों के इस प्रस्ताव को जल्द लागू कराने पर सहमति जताई।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को ड्रेस कोड के अनुसार ही स्पर्श दर्शन कराया जाए। बैठक में कमिश्नर दीपक अग्रवाल, सीईओ विशाल सिंह, काशी विद्वत परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. सुखदेव त्रिपाठी, डॉ. रामनारायण द्विवेदी आदि मौजूद रहे।