अंतरराज्यीय गैंग नंबर 233 के सरगना मुन्ना बजरंगी की हत्या के साथ ही अपराध की दुनिया के एक अध्याय का अंत हो गया। उत्तर प्रदेश के साथ ही आसपास के अन्य राज्यों में जरायम जगत में खासी हनक रखने वाले इस गिरोह का नया सरगना कौन होगा, अब इस पर पश्चिम से पूरब तक चर्चा हो रही है। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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Munna Bajrangi
- फोटो : अमर उजाला
चर्चाओं के अनुसार बजरंगी के गिरोह का नया एक लाख का इनामी बदमाश इंद्रदेव सिंह उर्फ बीकेडी हो सकता है। इसकी वजह एमएलसी बृजेश सिंह से अदावत और अन्य दलों से जुड़े सफेदपोशों से उसकी करीबी बताई जा रही है। 2005 में विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के बाद से बृजेश सिंह और उनके खेमे से जुड़े लोगों को बजरंगी फूटी आंख नहीं सुहाता था।
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Munna Bajrangi
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, बृजेश और बीकेडी की खानदानी रंजिश जगजाहिर है। बदलते दौर के साथ मऊ सदर विधायक मुख्तार अंसारी और बजरंगी के बीच भी गहरी खाई खिंच गई। इन हालात में बजरंगी और बीकेडी एक-दूसरे के करीब आ गए। झांसी जेल में जब तक बजरंगी निरुद्ध रहा, जौनपुर के एक चर्चित सफेदपोश के साथ गलत नाम और पते के सहारे बीकेडी अक्सर उससे मिलने जाता था। तमाम कोशिश के बावजूद वीकेडी कभी भी पुलिस और एसटीएफ के हत्थे नहीं चढ़ा।
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munna bajrangi
वहीं आगामी दिनों में पूर्वांचल में गैंगवार की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। ऐसा इसलिए है कि मणिकर्णिका घाट पर मुन्ना बजरंगी के अंतिम संस्कार के दौरान कुछ ऐसे लोग भी थे जो खासे गुस्से में थे और उनका कहना था कि भैया की कसम, हम बदला जरूर लेंगे। बताया जा रहा है कि इसके लिए मुंबई के शूटरों को तैयार रहने को कहा गया है।
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वाराणसी में मंगलवार को मणिकर्णिका घाट पर मुन्ना बजरंगी को मुखाग्नि देता बेटा समीर
- फोटो : अमर उजाला
उधर, मुन्ना बजरंगी के गुर्गे सप्तसागर दवा मंडी, चौक क्षेत्र की सराफा मंडी और विशेश्वरगंज सहित अन्य स्थानों पर स्थित प्रमुख गल्ला मंडी से गुंडा टैक्स वसूल कर झांसी जेल पहुंचाते थे। बताया जा रहा है कि बजरंगी की हत्या होते ही हिसाब-किताब की डायरी बंद हो गई है और गुंडा टैक्स के तौर पर वसूली गई रकम करीबियों ने हजम कर ओठ सिल लिए हैं।
मुन्ना बजरंगी की शव के पास विलाप करती पत्नी सीमा सिंह
- फोटो : अमर उजाला
मणिकर्णिका घाट पर मंगलवार को कुछ लोग यह चर्चा कर रहे थे कि बजरंगी की हत्या से दो दिन पहले बनारस से कुछ लोगों ने झांसी जेल जाकर उससे मुलाकात की थी। बजरंगी ने उन लोगों को जमीन और कंस्ट्रक्शन के काम के लिए लंबी रकम दिलाई थी। यह रकम भी पूरी तरह से डूबी हुई बताई जा रही है। बजरंगी से जुड़े लोगों ने बताया कि वसूली का पैसा उसके अपने लोग ही रखते थे। जरूरत पड़ने पर बजरंगी के निर्देश पर रियल इस्टेट क्षेत्र में उसका निवेश किया जाता था।