चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन भक्तों ने मां चंद्रघंटा और सौभाग्यगौरी से आशीष मांगा। श्रद्धालुओं ने माता से कोरोना वायरस के संक्रमण को समाप्त करने के लिए प्रार्थना की। संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के कारण काशी के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ भी कम रही। बृहस्पतिवार को मंदिर के पुजारी परिवार ने विधि विधान से पूजन अर्चन कर मां दुर्गा से देश को इस महामारी से बचाने की प्रार्थना की।
चौक स्थित प्राचीन माता चंद्रघंटा के मंदिर में सुबह छह बजे के बाद से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ। मंगला आरती से लेकर भोग और शयन आरती की सारी परंपरा पुजारी परिवार द्वारा निभाई गई। मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि मां चंद्रघंटा जब तक घंटी नहीं बजाती तब तक यमराज भी किसी का प्राण नहीं ले सकते। वहीं ज्ञानवापी चौक स्थित सत्यनारायण मंदिर के अंदर स्थित सौभाग्य गौरी के मंदिर में भी सन्नाटा पसरा रहा। श्रद्धालुओं को अखंड सौभाग्य और सुख प्रदान करने वाली सौभाग्य गौरी से भक्तों ने घर बैठे ही मानसिक पूजन कर आशीर्वाद मांगा। सुबह मंदिर में बाहर से दर्शन कराया गया और शाम को आम श्रद्धालुओं के लिए कपाट बंद कर दिए गए।