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चित्रों में दिखी काशी की परंपरा, दिया धरोहर संरक्षण का संदेश

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विश्व धरोहर दिवस पर सोमवार को गुरुधाम मंदिर परिसर और सारनाथ में आयोजित छायाचित्र व पुस्तक प्रदर्शनी में धरोहरों को संरक्षित करने का संदेश दिया गया। सारनाथ स्थित पुरातात्विक खंडहर परिसर में लगी छायाचित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन पहले पर्यटक सीतापुर के रविंद्र नाथ गुप्ता ने किया।
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सारनाथ में प्रदर्शनी में गुजरात के भगवान बुद्ध पर आधारित मूर्तियों और कुशीनगर से उत्खनन से प्राप्त मूर्तियों के छायाचित्र लगाए गए थे। सहायक अधीक्षण पुरातत्वविद अब्दुल आरिफ ने बताया कि छायाचित्र प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य धरोहरों पर बदलते मौसम के प्रभाव को दिखाने के साथ कैसे उन्हें बचाया जाए इसके बारे में जानकारी देना है। वहीं, गुुरुधाम मंदिर में क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई, इंटैक व होटेलियर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रदर्शनी में 1950 से 60 दशक में रिचर्ड लियोनॉय द्वारा लिए गए चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें काशी की प्राचीन इमारतें, मंदिर, पर्व-त्यौहार आदि से दिखाया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन चिकित्सक डॉ. शलभ गुप्ता ने किया। इस दौरान क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. सुभाष यादव, अशोक कपूर, अरविंद अग्रवाल, अभिजीत अग्रवाल, निर्मल जोशी, अदिती गुलाटी, दिलीप सिंह आदि मौजूद रहे।
वहीं, एयरपोर्ट पर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें पद्म पुरस्कार पाने वाली विभूतियों का सम्मान किया गया। सम्मान पाने वालों में पद्मश्री शिवानंद महाराज, पद्मश्री कमलाकर त्रिपाठी, पद्मश्री पंडित शिवनाथ मिश्र, पद्मभूषण वशिष्ठ त्रिपाठी शामिल रहे। वहीं स्व. राधेश्याम खेमका के भतीजे को सम्मानित किया। एयरपोर्ट निदेशक अर्यमा सान्याल ने सभी को अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न भेंट किया। इसके बाद पद्मश्री शिवनाथ मिश्रा के पुत्र देवव्रत मिश्र ने सितार वादन की प्रस्तुति दी।
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