अध्यात्म की नगरी काशी गंगा जमुनी तहजीब की जीती जागती मिसाल है। मंदिरों के शहर में हर मंदिर अपने आप में अनूठा और सभी की अपनी अलग-अलग कहानी है। राजघाट पर स्थित संत रविदास का मंदिर भी बेहद अनोखा है। सफेद संगमरमर से निर्मित यह मंदिर जहां श्रम साधना का संदेश देता है वहीं सर्वधर्म समभाव का जीवंत प्रतीक भी है।
संत रविदास सर्वधर्म समभाव के प्रतीक थे। इसका अंदाजा उनकी स्मृति में राजघाट में बनाए गए मंदिर को देखकर सहज ही लगाया जा सकता है। यह मंदिर संत रविदास के संदेशों के अनुकूल बनाया गया है। राजघाट स्थित संत रविदास का मंदिर सर्वधर्म समभाव का इकलौता ऐसा प्रतीक है जहां पर हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और बौद्ध धर्म के दर्शन होते हैं। सभी धर्मों के प्रतीक चिन्ह को मंदिर के गुंबद पर स्थान दिया गया है।