फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाराणसी: श्रमसाधना और सर्वधर्म समभाव का संदेश देता है संत रविदास का मंदिर, देश भर के रैदासी आते हैं मत्था टेकने

Tue, 08 Feb 2022 08:06 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

रविदास जयंती पर दर्शनार्थियों का मंदिर में तांता लगा रहता है। खासकर पंजाब से तो जत्थे में श्रद्धालु मंदिर में पहुंचते हैं। जगजीवन राम की बेटी व पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार हर साल मंदिर में मत्था टेकने आती हैं।
विज्ञापन
संत रविदास मंदिर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अध्यात्म की नगरी काशी गंगा जमुनी तहजीब की जीती जागती मिसाल है। मंदिरों के शहर में हर मंदिर अपने आप में अनूठा और सभी की अपनी अलग-अलग कहानी है। राजघाट पर स्थित संत रविदास का मंदिर भी बेहद अनोखा है। सफेद संगमरमर से निर्मित यह मंदिर जहां श्रम साधना का संदेश देता है वहीं सर्वधर्म समभाव का जीवंत प्रतीक भी है।

विज्ञापन


संत रविदास सर्वधर्म समभाव के प्रतीक थे। इसका अंदाजा उनकी स्मृति में राजघाट में बनाए गए मंदिर को देखकर सहज ही लगाया जा सकता है। यह मंदिर संत रविदास के संदेशों के अनुकूल बनाया गया है। राजघाट स्थित संत रविदास का मंदिर सर्वधर्म समभाव का इकलौता ऐसा प्रतीक है जहां पर हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और बौद्ध धर्म के दर्शन होते हैं। सभी धर्मों के प्रतीक चिन्ह को मंदिर के गुंबद पर स्थान दिया गया है।

विज्ञापन

दी रविदास स्मारक सोसायटी के महासचिव सतीश कुमार उर्फ  फगुनी राम ने बताया कि मंदिर का शिलान्यास 12 अप्रैल 1979 में हुआ और 1986 में बनकर तैयार हुआ। मंदिर पर पांच गुंबद हैं जिन पर हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई एवं बौद्ध धर्म के मंगल चिह्न अंकित हैं।

इस मंदिर का निर्माण पूर्व उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम ने कराया है। महासचिव ने बताया कि संत रविदास मानवता, समता व समरसता के पोषक थे। इसी भावना को केंद्र में रखकर बाबू जगजीवन राम ने इस मंदिर की स्थापना की।

तैयारियां हो गईं शुरू

संत रविदास की जयंती को मनाने के लिए मंदिर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिर के सुनहरे गुंबद से जब सूर्य की रोशनी टकराती है तो मंदिर की छटा और बढ़ जाती है। बेहद खूबसूरत एवं भव्य मंदिर की चमक दूर से ही दिखाई देने लगती है।

रविदास जयंती पर दर्शनार्थियों का मंदिर में तांता लगा रहता है। खासकर पंजाब से तो जत्थे में श्रद्धालु मंदिर में पहुंचते हैं। जगजीवन राम की बेटी व पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार हर साल मंदिर में मत्था टेकने आती हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें