लालपुर स्टेडियम में चल रही प्रदेशीय माध्यमिक स्कूली हैंडबॉल प्रतियोगिता के सेमिफानल में में गो
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काशी की बेटियों ने अपने डबल विंग अटैक से झांसी, बस्ती और अलीगढ़ की टीमों को हराकर तीनों कैटेगरी के फाइनल में प्रवेश कर लिया। वाराणसी मंडल की खिलाड़ियों के लगातार अटैक के सामने तीनों टीमों की खिलाड़ी गोल करने में बेबस नजर आईं। इस 70वीं प्रदेशीय विद्यालयीय हैंडबॉल प्रतियोगिता में वाराणसी ने झांसी को 12-3, बस्ती को 11-3 और अलीगढ़ को 10-3 से हराया। प्रदेश के 1620 बालक-बालिकाओं ने अब तक 70वीं प्रदेशीय विद्यालयीय हैंडबॉल प्रतियोगिता में दमखम दिखाया। 18 मंडल और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की बालिकाएं भी इसमें शामिल रहीं।
बालक वर्ग की टीमों के बीच भी कई मुकाबले खेले गए। इनमें माध्यमिक स्कूली हैंडबॉल प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मुकाबला अयोध्या और देवीपाटन मंडल की टीमों के खिलाड़ियों के बीच हुआ। सोमवार को बड़ा लालपुर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर क्रीड़ा संकुल में सबसे पहले सब जूनियर बालिका वर्ग के सेमीफाइनल में वाराणसी मंडल ने अलीगढ़ को चित कर दिया। काशी से वंशिका प्रजापति, आकृति और आयुषी ने शुरू से ही तेज खेल दिखाया। हाफ टाइम तक वाराणसी मंडल की टीम 5-1 गोल से आगे थी। इसके बाद दूसरे हाफ में वाराणसी ने बाएं विंग से अटैक शुरू किया। अंत में 12-3 से जीत हासिल की। टीम की रितिका पटेल, अनीशा सिंह, सोनाली पाल और गोलकीपर सेजल ने बेहतर तालमेल अपनाते हुए झांसी पर शुरू से दबाव बनाया।
छोटे-छोटे पास के सहारे हुए कई गोल
सीनियर बालिका वर्ग में वाराणसी की टीम ने बस्ती को 11-3 से मात दी। वाराणसी से दीपिका प्रजापति, तनु विश्वकर्मा और राष्ट्रीय खिलाड़ी प्रीति यादव ने बेहतर खेल दिखाया किया। हाफ टाइम तक वाराणसी मंडल 7-1 गोल से आगे थी। आयोजन सचिव डॉ. एके सिंह के अनुसार मंगलवार को सुबह आठ बजे से मैच खेले जाएंगे। सभी वर्गों के फाइनल मुकाबला दिन में तीन बजे से खेले जाएंगे। प्रतियोगिता के ऑब्जर्बर परमेंद्र सिंह ने बताया कि इस तरह की प्रतियोगिता से खिलाड़ियों को बड़ा मंच मिलता है। खिलाड़ी जिस तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं वह सीखने को भी मिलता है।
क्या है डबल विंग अटैक : हैंडबॉल में जब विरोधी टीम की रक्षापंक्ति को भ्रम में डालते हुए आक्रामक रणनीति से टीम मैदान के दोनों किनारों (लेफ्ट विंग और राइट विंग) से अटैक करती है। इससे विरोधी खिलाड़ियों जब तक रणनीति समझते हैं, तब तक गोल हो जाता है।