जल निगम जब गंगा में गिर रहे सीवेज को रोक देगा तो शाही नाले के मुहाने को सेल्फी प्वाइंट बनाया जाएगा। यह कार्य स्मार्ट सिटी की ओर से किया जाएगा। इसे खिड़किया घाट पुनरुद्धार कार्य में शामिल किया गया है। शाही नाले के मुहाने को पार करने के लिए हेरिटेज लुक का ब्रिज बनाया जाएगा, ताकि शाही नाले का ऐतिहासिक लुक प्रभावित न हो। उधर, डायवर्जन का काम पूरा होने के बाद अब सफाई के काम को 30 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मगर, अंग्रेजों के जमाने में बने शाही नाले के पीतल गेट के लीकेज को ठीक करना चुनौती है, कारण अब तक लीकेज ठीक करने के दो प्रयास विफल हो चुके हैं।
कबीरचौरा से चौकाघाट के बीच नई पाइप लाइन बिछाकर शाही नाले के डायवर्जन का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। मुहाने के गेट से लीकेज का कार्य किया जा रहा है जो जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए बस एक सप्ताह की देरी बताई जा रही है। इसके बाद गंगा में शाही नाले से गंदगी नहीं गिरेगी, क्योंकि कबीरचौरा से डायवर्जन का कार्य पूरा हो चला है। यहां बता दें कि सवा सौ साल से ज्यादा पुराने शाही नाले पर शहर में बढ़ती आबादी के चलते सीवेज फ्लो बढ़ गया है। निर्माण के वक्त 80 एमएलडी क्षमता वाले नाले को अब 120 एमएलडी क्षमता का किया जा रहा है। अब तक दीनापुर एसटीपी में पहुंच रहे शाही नाले के सीवेज का एक हिस्सा बिना शोधन के ही गंगा में गिर रहा है। डायवर्जन का काम पूरा होने के बाद अब मछोदरी पार्क इलाके में शाही नाले की सफाई का काम अंतिम दौर में है, मगर अब गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के सामने शाही नाले के मुहाने के लीकेज को ठीक करने की चुनौती है। फिलहाल विभाग का दावा है कि 30 अप्रैल से पहले तक यह लीकेज ठीक कर लिया जाएगा।
मछोदरी पार्क वाले इलाके में सफाई का काम बचा है, इसे 30 अप्रैल से पहले पूरा कर लिया जाएगा। सफाई के काम के बाद सवा सौ साल पुराने शाही नाले की लाइफ भी बढ़ जाएगी और शहर के लोगों को सीवेज की समस्या से निजात मिलेगी।-एसके बर्मन, परियोजना निदेशक, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई