बीएचयू में केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल को सम्मानित करते प्रो. रवि प्रताप सिंह
काशी हिंदू विश्वविद्यालय में ‘खाद्य प्रसंस्करण और जैव तकनीकी’ पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शिरकत करने आईं केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण और उद्योग मंत्रालय की ओर से कराए गए सर्वे के मुताबिक देश में करीब 15 प्रतिशत खाद्यान्न बर्बाद हो रहा है। इससे हर साल 92000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
खाद्यान्न को बर्बादी रोकने के लिए देश 42 मेगा फूड पार्क ओर 146 कोल्ड स्टोरेज चेन बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि दूसरे देशों में जहां 40-45 प्रतिशत खाद्यान्न का प्रसंस्करण हो रहा है जबकि भारत में यह आंकड़ा महज दस फीसदी है। इसे बढ़ाने के लिए ही फूड पार्क और कोल्ड स्टोरेज योजना शुरू की गई है। इससे न सिर्फ किसानों के हालात सुधरेंगे बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
उन्होंने बताया कि उद्यमियों को फूड पार्क के लिए सरकार 50 करोड़ और कोल्ड स्टोरेज के लिए दस करोड़ रुपये तक की सब्सिडी दे रही है। खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ने कहा कि दुनिया अब हमारी ओर देख रही है। भारत में निवेश करना चाह रही है। एफडीआई डेस्टीनेशन में भारत टॉप पर पहुंच गया है। वर्ल्ड ट्रस्ट नेशन सर्वे में हम दूसरे पायदान पर हैं।
सम्मेलन की अध्यक्षता कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. आरपी सिंह अज्ञैर स्वागत संकाय प्रमुख प्रो. ए वैशम्पायन ने किया। सेंटर फॉर फूड एंड साइंस टेक्नालॉजी के समन्वयक प्रो. एसपी सिंह और संयोजक प्रो. अनिल चौहान ने भी अपनी बातें रखीं। संचालन प्रो. ओपी मिश्रा और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. एडी त्रिपाठी ने किया। केंद्रीय मंत्री ने सेंटर फॉर फूड साइंस एंड टेक्नालॉजी का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां स्थापित चार फूड प्रोसेसिंग यूनिटों को देखा। स्वतंत्रता भवन में पौधरोपण भी किया।