वाराणसी। बीएचयू में स्वास्थ्य, कृषि, प्रौद्योगिकी, पर्यावरणीय स्थिरता सहित प्रमुख क्षेत्रों में अंतर्विषयी, एआई-सक्षम अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत-टास्क फोर्स (बीएचयू होलिस्टिक एआई-ड्रिवन रिसर्च फॉर एग्रीकल्चर, टेक्नोलॉजी एंड हेल्थ टास्क फोर्स) का गठन किया गया है। अंतर्विषयी अनुसंधान के माध्यम से स्वदेशी एआई नवाचार को गति देने के उद्देश्य से यह पहल की गई है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि यह टास्क फोर्स विश्वविद्यालय को स्वदेशी, नैतिक तथा साक्ष्य-आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता समाधानों के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य करेगी। टास्क फोर्स का एक प्रमुख दायित्व एकीकृत एआई प्रोटोकॉल का विकास है। इसके अंतर्गत आधुनिक तकनीकों को पारंपरिक प्रणालीगत सिद्धांतों के साथ समेकित किया जाएगा, जिसमें आयुर्वेदिक स्वास्थ्य संकेतकों को जीनोमिक आंकड़ों के साथ जोड़ने पर भी कार्य किया जाएगा।
साथ ही टास्क फोर्स पूर्वांचल क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स विकसित करेगी, जिसके तहत कैंसर एवं क्षय रोग सहित विभिन्न बीमारियों की प्रारंभिक पहचान हेतु एआई उपकरण तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा फसल उत्पादन पूर्वानुमान, कीट प्रबंधन तथा पर्यावरणीय निगरानी जैसे जलवायु-अनुकूल कृषि समाधानों पर भी कार्य किया जाएगा। इसके अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप संयुक्त शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के माध्यम से “वैज्ञानिक-समन्वयकों” की नई पीढ़ी तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे तकनीकी नवाचार और जीवन विज्ञानों के बीच की दूरी कम करने में सहायता मिलेगी।
आईएमएस में डीन रिसर्च प्रो. मनोज पांडेय की अध्यक्षता में यह टीम नवाचार इंजन के रूप में कार्य करते हुए विभिन्न विभागों के बीच अंतर्विषयी समन्वय स्थापित करेगी। प्रो. पांडेय ने बताया कि टास्क फोर्स नीतिगत एवं अवसंरचनात्मक सुझाव प्रदान करते हुए विश्वविद्यालय स्तर पर इंडिया एआई कंप्यूट पोर्टल की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी तथा बड़े स्तर की मल्टी-ओमिक्स एवं जलवायु मॉडलिंग पहलों के समर्थन हेतु उन्नत एआई हार्डवेयर क्रय संबंधी सुझाव भी देगी।