वित्तीय वर्ष खत्म होने में दो महीने बचे हैं। ऐसे में नगर निगम को 31 मार्च तक 225 करोड़ रुपये संपत्तिकर की वसूली करनी है। अब तक मात्र 120 करोड़ रुपये की वसूली हुई। इस हिसाब तक 105 करोड़ रुपये की वसूली के लिए दो महीने चार दिन बचे हैं। तकरीबन 54 प्रतिशत की वसूली हुई है जबकि 46 प्रतिशत बाकी है। मात्र 63 दिन बचे हैं। संपत्तिकर में 125 करोड़ रुपये गृहकर, 100 करोड़ रुपये जलकर और सीवरकर शामिल है। पहले गृहकर की वसूली नगर निगम करता था।
इसके अलावा जलकर और सीवरकर की वसूली जलकल करता था। बीते साल से गृहकर, जलकर और सीवरकर को मिलाकर एकीकृत बिल जारी किया जा रहा है। अब सभी करों की वसूली एक साथ की जा रही है। मेयर अशोक कुमार तिवारी ने मातहतों को लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत वसूली के निर्देश दिए हैं।
नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल 225. करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया है। लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 120 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। नगर निगम ने बड़े बकायेदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बकाया राशि न जमा करने पर दुकानें और भवन सील किए जा रहे हैं।