खजूरी स्थित युवा मंच के कैंप कार्यालय पर मंगलवार को महानगर उद्योग व्यापार समिति ने आम बजट पर व्यापारियों और चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के साथ परिचर्चा हुई। इसमें कुछ व्यापारी नेताओं ने आम बजट को भविष्य का बजट बताया तो किसी ने इसे मध्यम-निमभन वर्ग और व्यापारियों की उम्मीदों पर खरा न उतरने वाला कहा। आम बजट से राहत की आस लगाने वाले मध्यम वर्ग के व्यापारियों के बारे में किसी प्रकार की चर्चा नहीं हुई। जबकि बजट में कॉरपोरेट कर में राहत दी गई है। जिससे भविष्य में लाभ होगा। परिचर्चा में फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र गोयनका, अजय गुप्ता, मनीष गुप्ता, सुजीत गुप्ता, राजकुमार जायसवाल, सत्यनारायण सेठ, अशोक अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
क्रिप्टो करेंसी से कमाई पर 30 प्रतिशत का टैक्स का प्रावधान आने वाले दिनों में कुछ बड़े बदलाव करेगा।- सोमनाथ विश्वकर्मा, उपाध्यक्ष महानगर उद्योग व्यापार समिति
बजट डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने वाला है। जो निश्चित तौर पर डिजिटल पेमेंट व्यवस्था को और भी मजबूत करेगा- सुदेशना बसु, चार्टर्ड अकाउंटेंट
बजट में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव न करने से निराशा हुई है। उम्मीद थी कि इसमें बदलाव किया जाएगा। - मनीष चौबे, युवा अध्यक्ष महानगर उद्योग व्यापार समिति
जीएसटी स्लैब में भी कोई बदलाव नहीं किया गया। इससे व्यापार में महंगाई अभी कायम रहेगी।- श्रीनारायण खेमका संरक्षक महानगर उद्योग व्यापार समिति
पहली बार ऐसा लगा कि चुनावी नहीं भविष्य का बजट लाया गया। इससे आने वाले सालों में व्यापार के साथ सामाजिक विकास भी होगा।- दिनेश कालरा, व्यापारी
मध्यम और छोटे व्यापारियों को कुछ नहीं दिया गया। बजट कॉरपोरेट जगत के लिए ही बनाया गया है। - प्रेम मिश्रा, अध्यक्ष महानगर उद्योग व्यापार समिति
बजट से लोगाें को जो उम्मीद थी वह नहीं मिला। कोरोना से व्यापारी उबर नहीं पाया। व्यापारियों को बजट से बूस्टर डोज की जरूरत थी।- रजनीश कन्नौजिया, व्यापारी
व्यापारियों के लिए बजट आशा जनक है। इससे गरीबों और स्टार्ट अप कंपनियों को काफी मदद मिलेगी। - राकेश जैन, महानगर अध्यक्ष अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल
आम जन को बजट से लाभ मिलेगा। व्यापारियों और किसानों को भी काफी राहत मिलेगी। - ऋतु जैन, अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल