रिलायंस समूह के सासन पावर प्रोजेक्ट के टूटे राख बांध के मलबे में लापता दो शवों को शनिवार को एनडीआरएफ की टीम ने बाहर निकाल लिया। मलबे में दबे चार अन्य लोगों के बचने की उम्मीद क्षीण हो गई है। शुक्रवार शाम बांध टूटने के बाद छह लोग लापता थे, जबकि दो घायलों को बचा लिया गया था।
हिर्रहवा में सासन पावर लिमिटेड का राख बांध बना है। शुक्रवार को बांध टूटने के बाद भारी मात्रा में निकले राख मिश्रित पानी के मलबे में कुछ ग्रामीणों के बहने की पुष्टि सिंगरौली कलेक्टर केवीएस चौधरी ने की थी। रेस्क्यू के बाद दो महिलाओं को बचा लिया गया था। दोनों की हालत गंभीर है। लापता छह लोगों में तीन मासूम शामिल थे। शनिवार को रेस्क्यू टीम ने अभिषेक कुमार शाह (8) पुत्र भैयाराम व दिनेश कुमार (35) पुत्र बिसाहू लाल निवासी भमोरा का शव बरामद कर लिया।
बाकी चार लोगों सीमा कुमारी (9) पुत्री भैयाराम, चुनकुमारी शाह (27) पत्नी भैयाराम निवासी सिद्धिकला, अंकित (3) पुत्र दिनेश कुमार निवासी भमोरा व रज्जाद अली (28) पुत्र जब्बर अली निवासी चंदुआर की तलाश की जा रही है। घटना के बाद से ही कलेक्टर केवीएस चौधरी व एसपी टीके विद्यार्थी एनडीआरएफ व पुलिस बल के साथ राहत व बचाव कार्य में जुटे हैं।
कलेक्टर चौधरी ने बताया कि 10 अप्रैल को रिलायंस सासन पावर प्लांट का हिर्रहवा गांव में स्थित ऐश डाइक अचानक टूट गया। जिसके बाद ऐश मिश्रित पानी ने पड़ोसी गांव सिद्धिकला को अपनी चपेट में ले लिया। वहां के एक ही परिवार के तीन मासूमों के साथ छह लोग लापता हैं। मलबे की चपेट में आकर सिद्धिकला निवासी दो महिलाएं केशपति (28) पत्नी रामबरन व रीना कुमारी (26) पत्नी दिनेश कुमार भी बह गई थीं, जिन्हें त्वरित जानकारी मिलने पर पुलिस व स्थानीय लोगों की मदद से बचा लिया गया। दोनों जिला चिकित्सालय में भर्ती हैं, उनकी हालत स्थिर है।
प्रोजेक्ट के जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर केवीएस चौधरी ने कहा है कि घटना के लिए जिम्मेदार परियोजना के अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। जिला प्रशासन की तरफ से इस हादसे में हुई क्षति के सर्वे का निर्देश दिए गए हैं। सर्वे के बाद प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा दिया जाएगा।