पहले चरण में दो से 25 मार्च के बीच आवेदन किया जाएगा। 26 से 28 मार्च तक आवेदकों का सत्यापन होगा। 30 मार्च को लाटरी निकाली जाएगी। चयनित बच्चों का दाखिला पांच अप्रैल तक होगा।
दूसरे चरण में दो अप्रैल से 23 अप्रैल तक ऑनलाइन फार्म लिया जाएगा। 25-26 तक आवेदनों का सत्यापन होगा।
28 अप्रैल को लाटरी निकलेगी। पांच मई तक चयनित बच्चों का दाखिला होगा। तीसरे चरण में 2 मई से 10 जून तक आवेदन जमा होंगे। आवेदनों का सत्यापन 11-13 जून के बीच होगा। 15 जून को लाटरी निकलेगी और 30 जून तक दाखिला लिया जाएगा।
एससी, एसटी और ओबीसी संवर्ग के अभिभावक, कैंसर व एचआईवी पीड़ित अभिभावक के बच्चे इसके इसके अलावा विकलांग, निराश्रित और ट्रांसजेडर बच्चे को भी आरटीई का लाभ मिलेगा। दुर्बल आर्य वर्ग में ऐसे अभिभावक आएंगे जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम हो, विकलांग अभिभावक, वृद्धाश्रम और विधवा पेंशन पाने अभिभावक के बच्चे भी दाखिले के लिए हकदार होंगे।
30 हजार बच्चों को अब तक नहीं मिली शुल्क प्रतिपूर्ति
आरटीई के तहत दाखिला लेने वाले बच्चों को किताब, यूनिफार्म और बैग खरीदने के लिए एक मुश्त पांच हजार रुपये देने का प्रावधान है। मगर पिछले तीन सालों से बजट न मिलने से इस धनराशि का भुगतान नहीं हो सका है।
आरटीई के तहत निजी स्कूलों को आरटीई के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होता है। लेकिन अब तक जिले के 109 विद्यालयों ने अपना पंजीकरण नहीं कराया है। इन स्कूलों को 25 फरवरी तक पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के गैर सहायतित मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की मैपिंग में जल्द शुरू हो जाएगी।