फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चायवाले की बेटी पर खर्च किए 60 लाख: 'मेरी जेब में फूटी कौड़ी नहीं थी, लेकिन..'फफक कर रो पड़े प्रिया के पापा

Wed, 20 Sep 2023 09:25 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

लंबे समय से एक ही बेड पर रहने के दौरान प्रिया को बेडसोल (शरीर पर निशान) न हो, इसलिए उसे उठाया, बिठाया भी जा रहा है। उसे घर जैसा माहौल दिया गया है। प्रो. सौरभ सिंह ने बताया कि प्रिया को खेलकूद के सामान भी दिया गया है। साथ ही उसके बेड के पास रेडियो भी रखवाया गया है।
विज्ञापन
बीएचयू ट्रामा सेंटर में बच्ची प्रिया का इलाज करने वाली टीम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) ने दस साल की प्रिया से रिश्ता जोड़ा और 547 दिन के इलाज पर 60 लाख रुपये खर्च कर दिए। बिहार के रोहतास जिले के सेमारी गांव की प्रिया फरवरी 2022 में बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर आई थी। डॉक्टरों ने उसे वेंटीलेटर पर रखा और इलाज शुरू कर दिया। प्रिया के बचने की उम्मीद बेहद कम थी। लिहाजा, विश्वविद्यालय प्रशासन से बच्ची के निशुल्क इलाज व उसके परिजनों के भोजन की अनुमति ली गई। सतत इलाज चलता रहा। अब प्रिया स्वस्थ है। बोलने लगी। एक महीने बाद डॉक्टर उसे डिस्चार्ज भी कर सकते हैं।

बिहार के छोटे से गांव में चाय बेचकर दो बच्चों और पत्नी का भरण पोषण करने वाले मुन्ना बिटिया को नया जीवन मिलने से खुश हैं। मुन्ना और पत्नी डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ को जब भी देखते हैं, उनके आंख भर आती हैं। मुन्ना के अनुसार, डेढ़ साल से ट्रॉमा सेंटर में हैं, लेकिन कभी लगा नहीं। बड़े साहब (ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ सौरभ सिंह) से लेकर जो भी डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी आते हैं, वह प्रिया को दुलारते हैं। ऐसा लगता है कि उनके परिवार की बच्ची भर्ती है। मेरी जेब में फूटी कौड़ी नहीं थी, लेकिन पैसे की वजह से इलाज कभी नहीं रुका। 

एक दिन का औसत खर्च दस हजार रुपये

बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह के मुताबिक, वेंटीलेटर पर रहने वाले मरीज के इलाज का एक दिन का खर्च (बेड, जांच, इलाज आदि) औसतन दस हजार रुपये आता है। प्रिया 18 महीने यानी 547 दिन तक वेंटीलेटर पर रही है। इस हिसाब से उसके इलाज में करीब 55 लाख रुपये खर्च हुए हैं। छह लाख रुपये प्रिया के माता-पिता व उसके परिजनों के रहने, खाने पर किए गए हैं।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती प्रिया - फोटो : अमर उजाला

दो में पढ़ती हूं, स्कूल में गमले से चोट लगी थी

ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में भर्ती 10 वर्षीय बच्ची प्रिया का 29 सेकंड का एक वीडियो भी सामने आया है। वह खुद का नाम बताते हुए कह रही है कि वह कक्षा में दो में पढ़ती है। विद्यालय में खेलते हुए गमले से चोट लग गई थी।

खेल-खिलौना, रेडियो भी रहता है पास

लंबे समय से एक ही बेड पर रहने के दौरान प्रिया को बेडसोल (शरीर पर निशान) न हो, इसलिए उसे उठाया, बिठाया भी जा रहा है। उसे घर जैसा माहौल दिया गया है। प्रो. सौरभ सिंह ने बताया कि प्रिया को खेलकूद के सामान भी दिया गया है। साथ ही उसके बेड के पास रेडियो भी रखवाया गया है। ताकि उसे अटपटा न लगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें