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पासपोर्ट फार्म भरने और सत्यापन के फर्जीवाड़े का भंडाफोड़, पांच पुलिसकर्मी समेत दस गिरफ्तार

Sat, 07 Dec 2019 07:40 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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मऊ जिले में लंबे समय से गलत तरीके से पासपोर्ट फार्म भरकर वेरिफिकेशन करने के चल रहे गोरखधंधे का खुलासा कर पुलिस ने इसमें शामिल आरोपियों में से दस को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में दर्ज रिपोर्ट में एलआईयू मऊ शाखा के कर्मचारी के साथ एक उर्दू अनुवादक, दो होमगार्ड के साथ वाराणसी और कानपुर स्थित पासपोर्ट कार्यालय के कर्मचारियों को आरोपित किया गया है।

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मामले का खुलासा एसपी अनुराग आर्या ने प्रेसवार्ता कर किया। कहा कि पकड़े गए और फरार आरोपी हाईस्कूल की नकली मार्कशीट तैयार कर पासपोर्ट फार्म भरने का काम करते थे। फार्म भरने और सत्यापन करने के एवज में अवैध वसूूूली करते थे। एसपी ने पकड़े गए आरोपियों को अंतरजनपदीय गिरोह बताया। आरोपियों के पास से नौ लैपटॉप, फर्जी मार्कशीट, कुछ आधे भरे गए पासपोर्ट फार्म के साथ पचास हजार रुपये बरामद हुए हैं। 

एसपी ने बताया कि थानाध्यक्ष कोपागंज विनय सिंह की तरफ से इस मामले की रिपोर्ट कोपागंज थाने में दर्ज कराई गई है। इसमें आरोपित लोगों में उर्दू अनुवादक जमील अहमद, होमगार्ड संजीव सिंह के साथ दस लोगों को दबोचा गया है। इसके अलावा नामजद एलआईयू के दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। एसपी के अनुसार दोनों आरोपी फरार चल रहें है। इसके अलावा रामधनी नाम के एलआईयू इंस्पेक्टर को निलंबित करने की संस्तुति एसपी अभिसूचना ईकाई वाराणसी को भेजी गई है। 
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एसपी ने बताया कि एक गुमनाम शिकायती पत्र मिलने के बाद इस मामले की बारीकी से जांच कराई गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पासपोर्ट बनाने के लिए भरे जाने वाले फार्म में संलग्न करने के लिए हाई स्कूल की जाली मार्कशीट कैफे संचालक तैयार करते पाए गए। इस गिरोह में मऊ , गाजीपुर और वाराणसी के लोग भी शामिल पाए गए। इनके पास से नौ लैपटाप, एक लैपटॉप कूलर,11 मोबाइल, 33 पासपोर्ट आवेदन फार्म, फर्जी मार्कशीट लगे चार पासपोर्ट फार्म, छह फर्जी मार्कशीट और 50 हजार 60 रुपये बरामद किए गए।

पासपोर्ट के लिए वेरीफिकेशन के नाम पर अवैध वसूली की जा रही थी। कोपागंज कस्बे के दोस्तपुरा मुहल्ला निवासी फिरोज दो साल से वेरीफिकेशन के नाम अवैध वसूली करके एलआईयू के कर्मचारियों को दे रहा था। इस खेल में मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली पर तैनात उर्दू अनुवादक जमील अहमद और कोपागंज थाने पर तैनात धवरियासाथ गांव निवासी संजीव कुमार सिंह भी शामिल थे। एसपी ने बताया कि इस प्रकरण में संलिप्तता पाए जाने पर एलआईयू के अनिल विश्वकर्मा और संध्या मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है।

एलआईयू इंसपेक्टर राम धनी को निलंबित करने की संस्तुति की है। एसपी ने बताया कि पासपोर्ट के नाम पर जांच करने और अवैध वसूली की विस्तृत जांच कराई जाएगी और पूर्व में यदि किसी अधिकारी कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी। इसकी जांच अपर पुलिस अधीक्षक करेंगे। एसपी ने बताया कि बरामद लैपटॉप की विस्तृत जांच के लिए पुलिस प्रयोगशाला लखनऊ भेजा जाएगा।

एलआईयू को जांच का अधिकार नहीं

एसपी ने बताया कि पासपोर्ट आवेदन पर एलआईयू को केवल अभिलेखीय जांच का अधिकार है। आवेदक के स्थलीय और भौतिक सत्यापन  का काम थाने की पुलिस का है। लेकिन एलआईयू के लोग अनधिकार बिचौलियों के माध्यम से अवैध वसूली करते पाए गए हैं।  

ये हैं गिरफ्तार लोग: 

पुलिस ने फिरोज पुत्र अलाउद्दीन निवासी दोस्तपुरा, कोपागंज, जफर अकबर पुत्र रजी असकरी, निवासी हुसेनाबाद , कोपागंज, नदीम अख्तर पुत्र फुजैल खैराबाद मुहम्मदाबाद गोहना, शाहिद परवेज पुत्र सगीर निवासी अतरारी, मुहम्मबाद गोहना, सनी गुप्ता पुत्र शिवप्रसाद निवासी खोजवा, थाना भेलूपुर वाराणसी, संदीप मौर्य पुत्र दयाशंकर निवासी उत्तरी ककरमत्ता थाना मडुंवाडीह वाराणसी, संजय गुप्ता पुत्र नंदकिशोर निवासी डहर कला, थाना सैदपुर, गाजीपुर, रामनगीना यादव पुत्र पृथ्वी निवासी रसूलपुर मोर्चा थाना दोहरीघाट, मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली में तैनात उर्दू अनुवादक जमील अहमद, कोपागंज थाने का होमगार्ड धवरियासाथ निवासी संजीव सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी का चालान कर दिया।  

इंसपेक्टर नीरज पाठक करेंगे विस्तृत जांच

एसपी ने बताया कि इस प्रकरण की विस्तृत जांच इंसपेक्टर नीरज पाठक को सौंपी गई है। वे कैफे संचालकों, एलआईयू, उर्दू अनुवादक और होमगार्ड की भूमिका की जांच करेंगे। इसके अलावा यह भी जांच करेंगे कि इस प्रकार के गोरखधंधे में कोई और तो शामिल नहीं है। 

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