वाराणसी। नवरात्र में सातवें दिन मां कालरात्रि के दर्शन-पूजन का विधान है। यह मंदिर विश्वनाथ मंदिर के समीप कालिका गली में स्थित है। मंदिर कॉरिडोर और स्मार्ट सिटी के काम के चलते यहां जाने वाले भक्तों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। टूटी-फूटी गलियों, उखड़े पत्थर और लटकते बिजली के तारों को पार कर भक्तों को दर्शन करना पड़ेगा।
लोगों ने बताया कि जब से यहां बड़ी-बड़ी मशीनें चलाई जा रही हैं, तब से आसपास के मकानों में दरारें आ गई हैं। गलियां धंस गईं हैं। रास्ते खराब हो चुके हैं। लेकिन कोई ऐसी तकनीक नहीं अपनाई जा रही है, जिससे आम जनता के नुकसान को कम किया जा सके। कुछ लोगों का मानना है कि काम पूरा होने के बाद इन सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। वहीं कुछ लोगों के मन में डर है कि बनाने के चक्कर में किसी का कुछ बिगड़ ना जाए। डर के साए में जीने वाले लोग बाबा विश्वनाथ से प्रतिदिन कामना करते हैं कि सब कुछ ठीक से हो जाए। यहां की समस्याओं को ठीक कराने के लिए स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक से शिकायत की है, लेकिन किसी की शिकायत सुनी नहीं गई।
मरम्मत के नाम पर गलियों को खोदकर छोड़ दिया है। दर्शन-पूजन के समय भक्तों को ठोकर लगने का खतरा रहता है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होती है। - राजेंद्र शर्मा दुकानदार
भक्त और आम जनता की सहूलियत का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शकरकंद गली को बीते कई महीनों से खोदकर छोड़ा गया है। नवरात्र में आने वाले भक्तों को दिक्कतें हो रही हैं। - संजय झिंगरन, पुजारी
स्मार्ट सिटी और विश्वनाथ कॉरिडोर के तहत काम चल रहा है। इसके चलते थोड़ी बहुत दिक्कत है। काम पूरा हो जाएगा तो सब कुछ सही हो जाएगा। - रविंद्र नारायण तिवारी, महंत काली मंदिर
विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के तहत जो मशीनें चलाई जा रही हैं। उनके चलते कालिका गली धंस गई है। आसपास के कई मकानों में दरारें आ गई हैं। - अतुल कुमार शर्मा, भक्त