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मां कूष्मांडा से मांगा आयु, यश, बल और आरोग्य

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वाराणसी। शारदीय नवरात्र की चतुर्थी पर सृष्टि की आदिस्वरूपा आदिशक्ति मां कूष्मांडा की आराधना हुई। सूर्यमंडल के लोक में निवास करने वाली मां जगदंबा से भक्तों ने आयु, यश, बल और आरोग्य की कामना की। सूर्य के समान कांति और प्रभा वाली माता की उपासना कर भक्तों ने समस्त विश्व को रोग और शोक मिटाने की गुहार लगाई।
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मंगलवार को धर्म की नगरी काशी में माता कूष्मांडा के मंदिर में सुबह से भक्तों की कतार लगी रही। दुर्गाकुंड स्थित मंदिर में माता की मंगला आरती के बाद से ही श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचने लगे थे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए सामाजिक दूरी और मास्क केसाथ भक्तों ने मंदिर में पूजन अर्चन किया। मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग करके श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया। इस अवसर पर माता का दिव्य स्वर्णाभूषणों से शृंगार किया गया। माता की झांकी का दर्शन कर भक्त गण निहाल हो उठे। मंदिर प्रांगण देर रात तक माता के जयकारे से गूंजता रहा। वहीं मंदिर परिसर में हवन पूजन करने वाले भक्तों की भी कतार लगी रही। माता का शृंगार महंत कौशलपति द्विवेदी और आरती संजय दुबे ने उतारी। महंत कौशलपति द्विवेदी ने बताया कि माता कूष्मांडा के दर्शन से सभी कष्टों से मुक्ति मिल जाती है। माता को नारियल अति प्रिय है। भोर से ही भक्त कतार में लगकर माता का दर्शन कर रहे हैं। काशी सहित पूर्वांचल के अलग-अलग जनपदों से भक्त दर्शन को पहुंचे हैं। मंदिर में मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
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