वाराणसी में फुटबॉल, वालीबाल, हैंडबाल, फिस्टबाल, नेटबॉल, बास्केटबाल के बाद खिलाड़ियों को अब बनारस में अमेरिकन फुटबॉल भी खेलने को मिलेगा। इसकी शुरुआत शुक्रवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के खेल परिसर में पहली बार की गई। अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता के लिए महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की 20 सदस्यीय टीम बनाई गई।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ क्रीड़ा परिषद के सचिव डॉ. पीतांबर दास ने बताया कि भारतीय विश्वविद्यालय संघ की ओर से अमेरिकन फुटबॉल प्रतियोगिता कराई जा रही है। इसके लिए टीम तैयार की गई है। उत्तराखंड से आए कोच इस खेल के बारे में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देंगे। अंतर विश्वविद्यालयी प्रतियोगिता की तारीख निर्धारित होने तक चयनित खिलाड़ियों को खेल की तकनीक की जानकारी दी जाएगी।
क्या है अमेरिकन फुटबॉल
अमेरिकन फुटबॉल मूल रूप से दक्षिण अमेरिका का लोकप्रिय खेल है। इसे 70 से अधिक देशों में खेला जाता है। वर्ष 2015 में इसे विश्वविद्यालयी खेलों में शामिल किया गया था। इसे फुटबॉल और ग्रेड ऑरन के नाम से भी जाना जाता। भारत में अमेरिकन फुटबाल बोर्ड ऑफ कंट्रोल ग्रेड ऑरन इन इंडिया (बीसीजीआई) के तहत इस खेल को खेला जाता है। इसके नियम और दिशा निर्देश बीसीजीआई ही जारी करता है।
खेल के नियम और खिलाड़ियों की संख्या
अमेरिकन फुटबॉल में 11 खिलाड़ियों की दो टीम के बीच 60 मिनट का मुकाबला होता है। अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुसार प्रतियोगिता में 15 मिनट के चार क्वार्टर मुकाबले होते हैं। इस खेल में रग्बी में इस्तेमाल होने वाली गेंद के सामान ही गेंद होती है। 109.2 मीटर लंबे और 48.23 मीटर चौडे़ मैदान में दोनों टीम के खिलाड़ी हाथ-पैर के माध्यम से गेंद को विरोधी टीम से छीन कर एंडजोन पहुंचाकर अंक अर्जित करते हैं।