काली महल, पितरकुंडा, नई पोखरी होते हुए जुलूस दरगाहे फातमान पहुंचा। फातमान में मौलाना नदीम असगर रिजवी ने मजलिस को खिताब किया। दोषीपुरा के मैदान में अंजुमन जफरिया के संयोजन में और दूसरी अंजुमनों के सहयोग से इमाम हुसैन के सगे संबंधियों का ताबूत उठाया गया।
मुर्तजा हुसैन के कच्ची सराय स्थित मकान पर मजलिसे अंजुमन हैदरी चौक ने मातम किया। सरफराज हुसैन, शुजात हुसैन, मजहर अब्बास, मुर्तजा शम्सी, समर बनारसी, प्रिंस रजा, बालक जैन, हसन अब्बास, अतश बनारसी, शम्सुलहक फैजाबादी, प्रो. अजीज हैदर, रेहान बनारसी, हसन जाफरी ने कलाम पेश किया।
ख्वातीन की महफिल :
जुलूस के बाद दालमंडी के ख्वातीन की मजलिस को खिताब करते हुए डॉ. नुजहत फातमा ने कहा कि करबला में इमाम हुसैन की शहादत के बाद उनकी बहन जनाबे जैनब तथा अन्य औरतों ने करबला का पैगाम सारी दुनिया तक पहुंचाया। शाहिद बानो और डॉ. नसीम जाफरी ने ख्वातीन का इस्तकबाल किया।