कनाडा के लेखक और एक्टिविस्ट तारिक फतह का कहना है कि हिंदुस्तान में जिन आक्रमणकारियों ने हमला लिया, उसे बर्बाद किया, उसके नाम पर इसी हिंदुस्तान में शहर, सड़क और पार्क हैं।
यहां औरंगजेब रोड है, लोदी गार्डन है। यही नहीं, आज मुसलमान अपने बेटों का नाम तैमूर तो रख रहे हैं लेकिन कोई सूरज नहीं रख रहा। आफताब तो रखते हैं लेकिन चांद कोई नहीं रखता।
पहली बार वाराणसी आए तारिक फतह ने ये बातें काशी हिंदू विश्वविद्यालय के केएन उडुप्पा सभागार में कहीं।
राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से ‘भारत और दक्षिण एशिया : समस्या व समाधान’ पर आयोजित संगोष्ठी में 45 मिनट के भाषण में कहा कि कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान से अब कोई भी बातचीत करने की जरूरत नहीं है।
पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद खत्म करने के लिए उसे दुनिया से अलग-थलग करना होगा। उसे संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता के साथ-साथ सिक्योरिटी काउंसिल से भी हटाना होगा। कहा, पाकिस्तान हिंदुस्तान पर हमले कर रहा है लेकिन भारत वहां से सीमेंट खरीद रहा है।
भारत के जवान मर रहे हैं और हम उनसे असलहे खरीद रहे हैं।
अगर हिंदुस्तान का एक-एक व्यापारी तय कर ले कि वो पाकिस्तान से कोई कूटनीतिक रिश्ता नहीं रखेंगे, उसके होश ठिकाने आ जाएंगे। तारिक फतेह ने पाकिस्तान पर हमला करते हुए कहा कि पूरा का पूरा सिंध पाकिस्तान के कब्जे में चला गया।
बलूचिस्तान पर कब्जा कर लिया गया और यहां उसे कोई पूछने वाला नहीं।
बेशक हिंदुस्तान के विभाजन की वजह नेहरू रहे हैं लेकिन इसमें जिन्ना भी कम जिम्मेदार नहीं। बावजूद इसके जिन्ना के बारे में लोग कुछ नहीं कहते। लालकृष्ण आडवाणी और जसवंत सिंह जैसे नेता भी उनकी तारीफ करते हैं।