जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने रविवार को वाराणसी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर पीड़ितोें को राहत सामग्री वितरित की। इसके बाद सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ सहायता कार्यों की समीक्षा की। बताया कि राजस्थान व मध्यप्रदेश से 22 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। मंत्री ने कहा कि राहत केंद्रों पर सुविधाओं का ख्याल रखा जाए और दैनिक जरूरत की सामग्री जरूरतमंदों को सुलभ कराई जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि दवा की सामान्य किट की भी व्यवस्था हो। फागिंग व कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जाए। समन्वय समिति बनाकर ग्राम प्रधान व गांव के लोगों के सहयोग से कार्य करें। पुलिस गश्त में पीए सेट से क्षेत्रों में सूचना प्रसारित की जाए।
बैठक में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि कैथी के पास नौ गांव मेें पानी में भरा है। 63 गांव में आंशिक रूप से फसल क्षेत्र में पानी है। शहर के 9 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हैं और 24 शेल्टर होम संचालित हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएससी, जल पुलिस निगरानी कर रही है। इस दौरान विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक डॉ अवधेश सिंह, विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह, विद्यासागर राय, पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बनारस में खतरे के निशान के नीचे हैं गंगा- डा. महेंद्र
मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने बताया कि वाराणसी में गंगा खतरे के निशान से नीचे बह रहीं हैं। उन्होंने बाढ़ राहत कार्यों के लिए जिला प्रशासन की तारीफ की और कहा, यहां राहत व बचाव कार्य समय से शुरू कर दिए गए हैं। उन्होंने तटीय इलाकों का निरीक्षण कर बेलवरिया राहत कैंप में राहत सामग्री भी वितरित की।
ऐसे भारी रही तबौ लई जाइ
राहत सामग्री वितरण के दौरान मंत्री ने एक शरणार्थी से कहा दादी वजनी पोटली है कैसे जाएगी, तब वृद्धा बोली हमार बच्चा भी हौ, ऐसे भारी रही तबौ लई जाइ।