Ropeway In Varanasi : रोपवे का ट्रायल रन सितंबर में कराने की तैयारी चल रही है। इससे पहले टेस्टिंग के लिए जुलाई में स्विटजरलैंड के इंजीनियर आएंगे। इसे लेकर अधिकारियों ने मानीटरिंग शुरू कर दी है।
देवदीपावली के अवसर पर नवंबर में शुरू होने वाले रोपवे का ट्रायल रन सितंबर में कराने की तैयारी चल रही है। इसके लिए जुलाई माह में स्विटजरलैंड के इंजीनियरों के देखरेख में उपकरणों की टेस्टिंग होगी। इसे लेकर निर्माण एजेंसी नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों ने मानीटरिंग शुरू कर दी है।
विज्ञापन
निर्माण एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि देश के पहले रोपवे का तेजी से निर्माण कार्य किया जा रहा है। इसके अंतिम स्टेशन गोदौलिया पर चारों दिशाओं में निकास द्वार होंगे।
सिगरा चौराहे से सिद्धगिरीबाग जाने वाले मार्ग पर रोप-वे के टावर खड़े हो गए हैं। यहां पर 25 मीटर की ऊंचाई पर सीमेंट के बेस पर स्टील के बड़े-बड़े टावर खड़े किए जा रहे हैं। इन्हें एक दूसरे से जोडऩे के लिए नट बोल्ट का इस्तेमाल किया जाएगा।
विज्ञापन
कैंट, काशी विद्यापीठ और गोदौलिया में रोप-वे स्टेशन से जुड़े निर्माण कराए जा रहे हैं। पहले चरण का काम मार्च 2025 तक पूरा किया जाना है। इंजीनियरों के आगमन के मद्देनजर रोप-वे के कार्य को युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है।
रोप-वे के बनने के बाद कैंट रेलवे स्टेशन से विश्वनाथ मंदिर और दशाश्वमेध घाट जाना आसान हो जाएगा। निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है। रोप-वे के गंडोला को दशाश्वमेध प्लाजा पर लोगों को देखने के लिए रखा गया है।