सारनाथ मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर में तीन दिवसीय बोध ध्यान विधियां एंव धम्मदेशना पूजा बौद्ध भिक्षुओं ने
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बुजुर्गों को भावनात्मक सुरक्षा व समाधान उपलब्ध कराने, पारिवारिक बोध कराने और उनके जीवन को सुखद बनाने के लिए बौद्धायन सोसाइटी ने शुक्रवार को सामाजिक प्रकल्प बोधिश्री की शुरुआत की।
शुक्रवार को उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान के कुलपति प्रो. वांगचुक दोर्जे नेगी ने कहा कि बौद्धायन की यह पहल अत्यंत प्रेरणादायक और अनुकरणीय है। मिलजुलकर चलने से सबको सुखद परिणाम मिलेंगे। बुद्ध की उपदेशस्थली से बोधिश्री की इस परिकल्पना का आरंभ भी आने वाले दिनों में औरों को राह दिखाएगा।
महाबोधि सेंटर इंचार्ज भंते सुमित्रानंद ने कहा कि बोधिश्री एक आश्रय मिल गया। ऐसे में सभी को दायित्व बोध निभाना होगा तभी उन्हें सुख प्राप्त होगा। विशिष्ट अतिथि आकाशवाणी और दूरदर्शन केंद्र के निदेशक राजेश गौतम ने कहा आज समाज के वरिष्ठ जनों की मूल समस्याओं के निदान के लिए यह व्यावहारिक और महत्वपूर्ण पहल है।
बौद्धायन के अध्यक्ष प्रो. श्रद्धानंद ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन डॉ. मंजरी पांडेय ने किया। इस दौरान योगेन्द्र सिन्हा, अभय जैन, हर्ष कजरिया, शिव कुमार पराग, लालजी यादव, डॉ. सुषमा मिश्रा मौजूद रहे।