स्वाइन फ्लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिले के सरकारी अस्पतालों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। यहां बेड रिजर्व रखने के साथ ही फीवर डेस्क बनाई गई है। रोजाना इन अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर बुखार से पीड़ित 500 से ज्यादा लोग डॉक्टर को दिखा रहे हैं। इस डेस्क के माध्यम से ओपीडी और इमरजेंसी में आने वाले बुखार से पीड़ित मरीजों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है।
फीवर हेल्प डेस्क पर मरीज का नाम, पता, कितने दिन से बुखार आ रहा है, ये सभी जानकारियां दर्ज की जा रही हैं। सोमवार को अस्पतालों में मरीजों की जांच करने के साथ ही स्वाइन फ्लू से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।
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शासन स्तर से दो दिन पहले स्वाइन फ्लू को लेकर की गई ऑनलाइन समीक्षा के बाद दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, शास्त्री अस्पताल रामनगर सहित अन्य सरकारी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है।
क्या बोले अधिकारी
बुखार वाले मरीजों के बारे में सही जानकारी मिल सके, इस उद्देश्य से अस्पतालों में फीवर डेस्क स्थापित की गई है। यहां मरीजों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। अगर किसी मरीज में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण मिलते हैं तो उन्हें तुरंत जांच कराने की सलाह दी जा रही है। -डॉ. एनपी सिंह, सीएमओ