स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए एसजीपीजीआई भेजे सैंपल
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वाराणसी में डेंगू के बाद स्वाइन फ्लू का खतरा मंडराने लगा है। स्वाइन फ्लू के छह संभावित मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। सभी मरीजों का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
बड़ागांव ब्लाक के दो और अन्य ब्लॉक से दो मरीजों के अलावा आजमगढ़ और इलाहाबाद का एक-एक संदिग्ध मरीज इसमें शामिल है। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने सभी मरीजों का सैंपल बुधवार को एसजीपीजीआई, लखनऊ में पहुंचा दिया है। रिपोर्ट दो दिन में आ जाएगी।
सीएमओ कार्यालय से जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी ने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों में स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखने पर उन्हें घर पर सात दिन आराम कराने के साथ ही उनका परीक्षण कराएं।
शासन ने स्वाइन फ्लू पर अलर्ट घोषित करते हुए इस तरह के मरीजों के इलाज और जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश सीएमओ को दिया था। इसके बाद अस्पतालों में व्यवस्थाएं करते हुए वहां आईसोलेशन वार्ड बनाने, साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया।
इस बीच जो छह मरीज मिले हैं, उसमें चितईपुर और भिखारीपुर के निजी अस्पताल में एक-एक मरीज भर्ती हैं। जबकि बड़ागांव के दो और अन्य ब्लॉक के दो संभावित मरीजों का इलाज भी निजी अस्पतालों में हो रहा है।
सूचना मिलने पर रैपिड रिस्पांस टीम के सदस्यों ने अस्पतालों से सभी का सैंपल कलेक्ट किया। शासन के निर्देशानुसार सैंपल लखनऊ एसजीपीजीआई भेजा गया है, जहां से इन्फ्लुएंजा एएचएन1 (स्वाइन फ्लू) की रिपोर्ट आनी बाकी है।