स्वर कोकिला लता मंगेशकर के परिवार ने उनकी अस्थियों का विसर्जन पवित्र तीन स्थानों पर करने का फैसला किया। 10 फरवरी को लता जी का अस्थि विसर्जन नाशिक के रामकुंड में किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, काशी के बाद अब हरिद्वार में भी लता मंगेशकर की अस्थियों के एक कलश का विसर्जन किया जा सकता है।
लता मंगेशकर का बनारस से कला और संस्कृति का नाता था। बनारसी साड़ियां तो लता जी की पहली पसंद हुआ करती थीं। गौरीगंज इलाके से ही लता मंगेशकर के लिए साड़ियां जाती थीं। साड़ी व्यवसायी अरमान व रिजवान ने बताया कि मंगेशकर परिवार से ऐसा खास रिश्ता बन गया कि हम लोग तो लता जी को मां ही कहते थे और वह हमें अपना बेटा मानती थीं। वह बाबा विश्वनाथ में दर्शन व अभिषेक तथा संकटमोचन मंदिर में दर्शन पूजन करना चाहती थीं। यह इच्छा उनके साथ ही चली गई।