धर्म संसद 1008 के आयोजन में शामिल होने के लिए पहुंचे शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने केदारघाट विद्यामठ में केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता का ध्यान भटकाने के लिए राम मंदिर का मुद्दा लाया गया है।
अयोध्या में मस्जिद नहीं थी तो अध्यादेश किस बात का। अयोध्या में होने वाली धर्मसभा सिर्फ लोगों को दिखावे के लिए है। धर्म संसद पर उन्होंने कहा कि 25 से 27 नवंबर तक वाराणसी के सीरगोवर्धन में परम धर्म संसद बुलाई गई है। इसमें धर्म पर चर्चा की जाएगी। इस संसद में कई विषयों पर चर्चा की जाएगी।
स्वामी स्वरूपानंद ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि वह कहते हैं मंदिर देवी-देवता के रूप में नहीं, बल्कि आदर्श राम का मंदिर बनाएंगे। जिससे साफ होता है कि ये मंदिर नहीं बनाएंगे।
कुछ दिनों पूर्व ही बल्लभ भाई पटेल ने भारत को एक सूत्र में बांधने का काम किया। उनका 182 मीटर का पुतला बनवाया गया जबकि भगवान राम की प्रतिमा कितनी ऊंची बनेगी, यह नहीं बताया जा रहा है।