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जनता का ध्यान भटकाने के लिए है राम मंदिर का मुद्दाः स्वरूपानंद सरस्वती

Sun, 25 Nov 2018 10:25 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती
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धर्म संसद 1008 के आयोजन में शामिल होने के लिए पहुंचे शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने केदारघाट विद्यामठ में केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता का ध्यान भटकाने के लिए राम मंदिर का मुद्दा लाया गया है।
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अयोध्या में मस्जिद नहीं थी तो अध्यादेश किस बात का। अयोध्या में होने वाली धर्मसभा सिर्फ लोगों को दिखावे के लिए है। धर्म संसद पर उन्होंने कहा कि 25 से 27 नवंबर तक वाराणसी के सीरगोवर्धन में परम धर्म संसद बुलाई गई है। इसमें धर्म पर चर्चा की जाएगी। इस संसद में कई विषयों पर चर्चा की जाएगी।

स्वामी स्वरूपानंद ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि वह कहते हैं मंदिर देवी-देवता के रूप में नहीं, बल्कि आदर्श राम का मंदिर बनाएंगे। जिससे साफ होता है कि ये मंदिर नहीं बनाएंगे।
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कुछ दिनों पूर्व ही बल्लभ भाई पटेल ने भारत को एक सूत्र में बांधने का काम किया। उनका 182 मीटर का पुतला बनवाया गया जबकि भगवान राम की प्रतिमा कितनी ऊंची बनेगी, यह नहीं बताया जा रहा है।
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नेताओं पर साधा निशाना

इसके अलावा उन्होंने नेताओं के वेतन और शराब बेचने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि मंदिरों को लेकर अब इनकी नीयत खराब हो रही है। मंदिर का पैसा अमेरिका जाएगा, डालर में बदलकर आएगा। वहीं उन्होंने मंदिरों को तोड़े जाने पर भी चिंता जताई।

भैंसासुर घाट से शनिवार को 144 नावों पर प्रणामी यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में 108 देशों व 36 प्रदेशों की झांकियां शामिल हुईं। भैंसासुर घाट से शुरु हुई यात्रा रविदास घाट तक गई। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने सीरगोवर्धन स्थित परम् धर्मसंसद 1008 का उद्घाटन करेंगे।
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