स्वामी दयानंद सरस्वती का काशी से गहरा जुड़ाव है। अपने पूरे जीवन काल में स्वामी जी सात बार काशी यात्रा पर आए थे। दूसरी यात्रा 16 नवंबर 1869 में उन्होंने दुर्गाकुंड स्थित आनंद पार्क में विश्व प्रसिद्ध शास्त्रार्थ किया। अध्यक्षता तत्कालीन काशी नरेश ईश्वरी नारायण सिंह ने की थी। इसके बाद स्वामी दयानंद की ख्याति देश-विदेश में फैल गई। इस स्थल को विद्वत समाज बड़े ही आदर के साथ देखता है। लोग यहां पर शीश नवाने आते हैं।