राजापुरा दारानगर निवासी रिजवान का शक और गुस्सा सोनम की जान पर भारी पड़ा। सोनम सपने में भी यह नहीं सोची रही होगी कि शनिवार को वह घर से काम करने निकलेगी तो जीते जी नहीं लौट पाएगी। रिजवान की करतूत से गोपाल बाग कॉलोनी और डिगिया इलाके के साथ ही राजापुरा दारानगर के लोग भी खासे गुस्से में दिखे। लोगों का यही कहना था कि पुलिस रिजवान के खिलाफ अदालत में प्रभावी तरीके से पैरवी कर उसे मौत की सजा दिलाए।
डिगिया इलाके में परिजनों के साथ किराये के मकान में रहने वाली सोनम की हत्या रिजवान ने उसके दुपट्टे से गला कस कर की। इसके बाद उसके दुपट्टे से ही उसका मुंह और हाथ बांध कर शव को सीवर चेंबर में फेंक दिया। फिर, इत्मीनान के साथ जैतपुरा थाने पहुंचा और पुलिस को बताया कि उसने सोनम की हत्या कर दी। रिजवान का कबूलनामा सुनकर जैतपुरा थाने में मौजूद पुलिस कर्मी सन्न रह गए। सभी उसको तत्काल थाने की जीप में बैठाकर घटनास्थल की ओर भागे। उसकी निशानदेही पर सोनम का शव बरामद किया गया।
भाग कर क्या करता, एक दिन तो पकड़ा ही जाता
तीन भाई और एक बहन में दूसरे नंबर की थी सोनम
धर्मेंद्र कुमार का परिवार पांच साल से ज्यादा समय से डिगिया मुहल्ले में किराये पर रहता है। धर्मेंद्र के बेटे सत्यम ने बताया कि उसकी बहन तीन भाई और एक बहन में दूसरे नंबर की थी। सत्यम ने कहा कि घर की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। इस वजह से मां सुनीता के साथ बहन सोनम घर के खर्च में हाथ बटाने के लिए दूसरों के यहां काम करती थी। उसकी कभी कोई शिकायत घर पर नहीं आई थी और वह सभी का ध्यान रखती थी। वहीं, सुनीता की हालत बेसुधों जैसी थी। सुनीता का कहना था कि पॉवरलूम संचालक और उसका परिवार भी कसूरवार है। पॉवरलूम संचालक के यहां रिजवान ने उनकी बेटी को मार डाला और उन लोगों ने पुलिस को सूचना तक नहीं दी। सुनीता को बड़ी ही मुश्किल से मुहल्ले की महिलाएं संभाले हुए थीं।
रिजवान के परेशान करने की शिकायत की गई थी
सोनम की मां सुनीता ने बताया कि उसकी बेटी काम करने जाती थी तो रिजवान उसे परेशान करता था। कई बार इसकी शिकायत उससे की गई थी, जिसके पॉवरलूम में रिजवान काम करता था। उन लोगों ने यदि शिकायत पर ध्यान देकर रिजवान को काम से हटा दिया होता तो शायद वह इस इलाके में न रहता और यह दिन नहीं देखना पड़ता। सुनीता का रोना-बिलखना देख कर उसको ढांढस बंधा रही मुहल्ले की महिलाओं की हिम्मत भी जवाब दे जा रही थी।