विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में विभागवार रोस्टर पर आरक्षण के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध बीएचयू में देखने को मिला। जिसे लेकर जहां शिक्षकों और छात्रों ने मार्च निकाला, वहीं पुलिस के साथ उनकी नोकझोंक भी हुई।
गुरुवार को बीएचयू सिंह द्वार से आक्रोश मार्च निकालकर शिक्षकों, छात्रों ने सरकार से इसके खिलाफ अध्यादेश लाने की मांग की। फोरम फॉर एकेडमिक एंड सोशल जस्टिस के सदस्य डॉ. अनिल चौधरी के नेतृत्व में निकले मार्च में विभिन्न शैक्षिक संगठनों के पदाधिकारियों, सदस्यों ने नारेबाजी कर फैसले का विरोध किया।
बीएचयू गेट से रविदास गेट, अस्सी तिराहा होते हुए मार्च जैसे ही पद्मश्री चौराहे पर पहुंचा। यहां पुलिस ने सभी को रोका और पीएम को संबोधित ज्ञापन यहीं देने को कहा। इसको लेकर मार्च में शामिल सदस्यों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई।
वहीं, बात न बनने पर सदस्य वही धरने पर बैठ गए। डॉक्टर अनिल चौधरी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विश्वविद्यालयों एवं कालेजों में यूनिवर्सिटी को इकाई मानने के स्थान पर विभाग को इकाई मानकर रोस्टर का फैसला आरक्षण को खत्म करने की साजिश है। इसके लिए सरकार को अध्यादेश लाना चाहिए। बताया कि मांगे पूरी न होने तक विरोध जारी रहेगा।