वाराणसी। दोनों तरफ की सड़क खोद रखी है। सड़क के बायीं तरफ कार खड़ी कर 70 साल का बुजुर्ग दवा खरीद रहा है तो चालान काट दे रहे हो। नरिया तिराहा के पास सड़क पर ही ऑटो स्टैंड चलवाते हो। जाम लगता है तो आंखें मूंदे रहते हो, यह कैसी व्यवस्था है। यह नाराजगी बीएचयू के विधि संकाय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. एमपी सिंह ने गुरुवार शाम नेवादा में दो पुलिसकर्मियों से जताई तो लोगों की भीड़ जुट गई। वहीं, चालान काटने वाले दोनों सिपाही खुद को निरुत्तर पाकर वहां से चले गए।
प्रो. एमपी सिंह ने बताया कि वह बीएचयू से घर जा रहे थे। नेवादा में दवा लेने के लिए मेडिकल स्टोर के सामने रुके। दोनों तरफ की सड़क खुदी हुई है और आसपास पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। इस पर उन्होंने कार सड़क के किनारे खड़ी की और दवा लेने लगे। पांच मिनट बाद वह लौटे और कार स्टार्ट की। इसी दौरान दो सिपाही आए और गलत पार्किंग की बात कहते हुए चालान की रसीद उन्हें थमा दी। प्रो. सिंह ने कहा कि आखिर कार कहां खड़ी कर दवा खरीदी जाए, इस पर सिपाहियों को कोई जवाब नहीं सूझा। प्रो. सिंह ने कहा कि चालान काटने से पहले पार्किंग की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि एसएसपी और एसपी सिटी को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे कोई बुजुर्ग परेशान न हो।