इस पहल से अगर एक भी जान बच जाती है, तो यह कोशिश सार्थक होगी। कहा कि दुर्घटना के समय लोग सबसे पहले पुलिस को याद करते हैं। सूचना पाते ही पुलिस उनकी मदद में जुट जाती है। पुलिस के साथ ही एंबुलेंस भी पहुंचती है, जो लोगों को तत्काल इलाज के लिए ले जाती है। अगर कहीं आग लगने की घटना हो, तो फायर स्टेशन को सूचना दी जाती है। तब आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन दस्ता मौके पर पहुंचता है।
विशिष्ट अतिथि क्षेत्राधिकारी नगर ओजस्वी चावला ने कहा कि पुलिस ने महिला सुरक्षा को लेकर सक्रियता बढ़ा दी है। अपराध पर नियंत्रण भी हुआ है। सनबीम स्कूल के संरक्षक केपी सिंह ने कहा कि अपराजिता के तहत महिलाओं को जागरूक करने का सिलसिला जनपद में लंबे समय से चल रहा है। यह आगे भी जारी रहना चाहिए।
विद्यालय के डायरेक्टर नवीन सिंह ने कहा कि महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं। लेकिन अधिकारियों द्वारा मिली जानकारी से छात्राओं को आत्मबल मिला है। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत श्रेयसी तिवारी और श्वेता सिंह ने स्वागत गीत गाकर किया। जबकि राष्ट्रगान से कार्यक्रम का समापन किया गया। इस मौके पर विद्यालय के सह डायरेक्टर प्रवीण सिंह, सीओ सिटी ओजस्वी चावला, यातायात निरीक्षक सुधीर कुमार त्रिपाठी, शहर कोतवाल धनंजय मिश्रा मौजूद रहे। संचालन डा. शरद कुमार वर्मा ने किया। इस मौके पर 1500 से अधिक छात्राएं मौजूद थीं।
खाली बस और आटो में न बैठें
एसपी ने कहा कि महिलाएं अगर किसी जगह अनजान हैं, तो भी किसी को यह न दर्शाएं कि वह वहां के बारे में नहीं जानती हैं। कभी सुनसान रास्ते से न गुजरें और न ही खाली बस और आटो में बैठें। किसी वाहन में बैठने से पहले उसके चालक को जरूर अच्छी तरह से देखें और पहचान लें। संभव हो तो वाहन की फोटो भी खींच लें। उस फोटो में गाड़ी का नंबर स्पष्ट दिखाई दे। अनजान लोगों को अपना-नाम पता और व्यवसाय से जुड़ी जानकारियां न दें।