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खत्म हुआ सूर्य-शनि का अशुभ योग, 9 राशियों के लिए अच्छा समय

Tue, 18 Aug 2020 05:04 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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धनु, तुला, मीन और कुंभ राशि
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सूर्य के राशि परिवर्तन से सूर्य-शनि का अशुभ योग समाप्त हो गया। इसके साथ ही आठ राशियों के लिए अच्छा समय है, तो चार राशि वालों को संभलकर रहना होगा। सोमवार को सूर्य अपनी राशि सिंह में पहुंच गए है। इससे सूर्य का शुभ प्रभाव और बढ़ जाएगा। सूर्य के सिंह राशि में प्रवेश सिंह संक्रांति कही जाती है।

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ज्योतिषाचार्य गणेश प्रसाद मिश्र का कहना है कि 16 जुलाई से सूर्य कर्क राशि में थे और अपने शत्रु ग्रह यानी शनि से दृष्टि संबंध बना हुआ था। इस अशुभ योग के कारण कई लोग पिछले एक महीने से परेशान थे। 17 अगस्त को सूर्य के राशि बदलने पर कई लोगों को इस अशुभ योग से राहत मिलने लगेगी। सूर्य के प्रभाव से वृष, मिथुन, कर्क, सिंह, तुला, वृश्चिक, धनु और मीन राशि वाले लोगों के जीवन में अच्छे बदलाव होने की संभावना है। वहीं मेष, कन्या, मकर और कुंभ राशि वाले लोगों को संभलकर रहना होगा।


ज्योतिषाचार्य विमल जैन के अनुसार राशिवार प्रभाव
मेष-
सन्तान पक्ष से चिन्ता। आर्थिक पक्ष में असफलता। एकाग्रता में कमी। राजकीय पक्ष से कष्ट। वाहन से चोट-चपेट।
वृषभ- ग्रहयोग निराशाजनक। पारिवारिक मतभेद। अशांति का वातावरण। मानसिक चिंता प्रभावी। आरोग्य सुख में बाधा।
मिथुन- कार्य क्षमता में वृद्धि। नवीन योजना दृष्टिगत। चित्त प्रफुल्लित। आत्मीयजनों से मधुरता। निजी इच्छा की पूत। लाभ भी।
कर्क- अकेलेपन की अनुभूति। धन का अभाव। पारिवारिक उलझनें। आकस्मिक घटनाएं। नेत्र पीड़ा। यात्रा निराशाजनक।
सिंह- मानसिक उलझनें। विवाद की आशंका। क्रोध की अधिकता। अध्ययन में व्यतिक्रम। निष्प्रयोजन व्यय। वाहन से कष्ट
कन्या- प्रतिष्ठा पर आघात। आत्मबल में कमी। व्यय की अधिकता। असमंजस की स्थिति। संकल्प सिद्धि में विलम्ब। निराशा की स्थिति।
तुला- परिस्थितियों में सुधार। व्यवसाय में सफलता। आरोग्य सुख की प्राप्ति। विवाद का निर्णय पक्ष में। यात्रा का सुपरिणाम।
वृश्चिक- आय के नवीन स्रोत। योजना का श्रीगणेश। उच्चाधिकारियों से लाभ। व्यक्तिगत समस्याएं हल। बौद्धिक क्षमता का विकास।
धनु- विश्वासघात की आशंका। आरोप-प्रत्यारोप प्रभावी। ऋ ण भुगतान की चिन्ता। समय असंतोषजनक। शंका कुशंका प्रभावी।
मकर- आलस्य की अधिकता। धनागम का अभाव। झूठे आश्वासन से कष्ट। वाहन से कष्ट। अपमान। आरोग्य सुख में व्यवधान।
कुम्भ- कार्य व्यापार में निराशा। धन हानि संभव। वैचारिक अस्थिरता का अभाव। सुख में कमी। जीवन साथी के स्वास्थ्य की चिन्ता।
मीन- समस्याएं सुलझने की ओर। आशाएं फलीभूत। व्यवसाय हेतु प्रयास सार्थक। मौजमस्ती के निमित्त व्यय। यात्रा सफल।
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नियमित करें सूर्य की आराधना
सूर्यग्रह की प्रसन्नता के लिए अपने आराध्य देवी-देवता की पूजा-अर्चना के साथ सूर्यग्रह की भी आराधना नियमित करनी चाहिए। प्रात:काल स्नान, ध्यान के पश्चात् सूर्य भगवान को ताम्रपात्र में स्वच्छ जल में लाल फूल, रोली, गुड़ या चीनी मिलाकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके अघ्र्य अर्पित करना चाहिए। साथ ही सूर्यमन्त्र का जप, श्रीआदित्यहृदय स्तोत्र, श्रीआदित्यकवच, श्रीसूर्यसहस्रनाम आदि का पाठ भी करना चाहिए। रविवार के दिन 12 बजे से 3 बजे के मध्य बिना नमक का फलाहार करना चाहिए। रविवार के दिन व्रत या उपवास रखकर मध्याह्न के समय सूर्यग्रह से संबंधित लाल रंग की वस्तुओं का दान करना चाहिए।
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