नक्सल प्रभावित सोनभद्र, चंदौली और मिर्जापुर में अलर्ट
छत्तीसगढ़ के सुकमा में सीआरपीएफ जवानों पर हमले के बाद कार्रवाई की जद में आने से बचने के लिए नक्सली पड़ोसी प्रदेशों के नक्सल जोन का रुख कर सकते हैं।
इसके साथ ही नक्सली ऐसे क्षेत्रों में भी छिप सकते हैं, जहां हाल-फिलहाल उनके द्वारा आपराधिक वारदातें अंजाम देने के मामले सामने नहीं आए हैं। इन आशंकाओं केे मद्देनजर खुफिया एजेंसियों ने जोन के नक्सल प्रभावित सोनभद्र, चंदौली और मिर्जापुर जिले की पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स और अभिसूचना इकाइयों को चौकसी बरतने के लिए अलर्ट जारी किया है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में सोनभद्र के 17 थाना क्षेत्रों के 292 गांव, चंदौली के सात थाना के 241 गांव और मिर्जापुर के छह थाना क्षेत्र के 102 गांव चिह्नित हैं। तीनों जिलों में पुलिस के अलावा छह कंपनी सीआरपीएफ और 13 कंपनी पीएसी तैनात की गई है।
तीनों जिलों में नक्सलियों की आवाजाही लगी रहती है। ऐसी ही सूचना पर एटीएस की वाराणसी इकाई ने बीते साल अक्तूबर में चंदौली के सैयदराजा क्षेत्र से नक्सली कमांडर सुनील रविदास उर्फ कमलेश को रायफल और कारतूस के जखीरे के साथ गिरफ्तार किया था जबकि उसका एक साथी भाग निकला था।
आईजी जोन डॉ. एन रविंदर ने बताया कि नक्सल प्रभावित तीनों जिलों के एसपी को अंतरराज्यीय सीमाओं पर विशेष सतर्कता बरतने और तलाशी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।
पड़ोसी राज्यों की पुलिस से मिलने वाली सूचनाओं पर कार्रवाई के साथ ही अभिसूचना संकलन को और पुख्ता करने के लिए कहा गया है।