उदय प्रताप कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव में सुधीर सिंह अध्यक्ष, प्रतीक उपाध्याय उपाध्यक्ष और पुस्तकालय मंत्री अभिषेक सिंह निर्वाचित हुए। वहीं, महामंत्री पद पर शिवम सिंह व चारों संकाय प्रतिनिधि पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए थे। परिणाम घोषित होने के बाद प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। प्राचार्य धर्मेंद्र कुमार सिंह ने सात मई को कालेज बंद रहने की भी घोषणा की।
मतदान प्रक्रिया शुक्रवार सुबह दस बजे शुरू हुई। दोपहर एक बजे तक 5080 मतदाताओं में से 2055 ने मताधिकार का प्रयोग किया। इस प्रकार 40.45 फीसदी वोट पड़े। इसमें छात्रसंघ के विभिन्न पदों पर 145 वोट नोटा (इनमें से कोई नहीं) पड़े। जबकि 74 मत अवैध घोषित किए गए। गत वर्ष 56.93 वोट पड़े थे। तुलना में इस वर्ष 16.48 फीसदी कम वोट पड़े।
प्रधान चुनाव अधिकारी डॉ. बनारसी मिश्र ने बताया कि अध्यक्ष पद पर निर्वाचित सुधीर सिंह को 1209 मत मिले और उन्होंने उत्तम कुमार सिंह को 420 मतों से हराया। उत्तम को 789 मत मिले। उपाध्यक्ष पद पर प्रतीक 1032 मत पाकर विजयी रहे और उन्हाेंने अभय सिंह को सिर्फ 54 मतों के अंतर से हराया। अभय को 978 वोट मिले। पुस्तकालय मंत्री पद पर निर्वाचित अभिषेक को 761 मत मिले। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी दिवाकर पांडेय को 95 मताें से हराया। दिवाकर को 666 और हरिओम को 511 मत मिले थे। वहीं, शपथ ग्रहण के बाद पुलिस प्रशासन ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को अपनी जीप में बैठाकर घर छोड़ा।
एक नजर में किसे मिले कितने मत
अध्यक्ष
सुधीर सिंह (1209) निर्वाचित
उत्तम कुमार सिंह (789)
नोटा - 32
अवैध - 25
उपाध्यक्ष
प्रतीक उपाध्याय (1032) निर्वाचित
अभय सिंह (978)
नोटा - 27
अवैध - 18
पुस्तकालय मंत्री
अभिषेक सिंह (761) निर्वाचित
दिवाकर पांडेय (666)
हरिओम (511)
नोटा - 86
अवैध - 31
निर्विरोध निर्वाचन
महामंत्री - शिवम सिंह
संकाय प्रतिनिधि
विज्ञान संकाय - दिव्यांशु सिंह
कला संकाय - सूरज कुमार सिंह
वाणिज्य संकाय - अर्पित कुमार सिंह
समर्थकों ने की आचार संहिता की अनदेखी
यूपी कॉलेज में मतदान के दौरान जमकर शक्ति प्रदर्शन किया गया। समर्थक चुनाव आचार संहिता की अनदेखी करते रहे। लिंगदोह की सिफारिशों की मंशा के विपरीत प्रत्याशियों व उनके समर्थकों ने जमकर फोटो युक्त कार्ड हवा में उड़ाए और नारेबाजी की। प्रत्याशी भी अंतिम क्षण तक मतदाताओं को लुभाने में जुटे रहे। कोई पैर छू रहा था तो कोई हाथ जोड़ कर मतदाताओं से अपील कर रहा था। परिसर में परिचय पत्र व फीस रसीद देखने के बाद ही छात्रों को मतदान स्थल तक जाने की छूट दी जा रही थी। उधर, कॉलेज प्रशासन ने समर्थकों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग कराई। वहीं, मौके पर भारी सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। सीसी कैमरे के बावजूद चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई।