Varanasi News: मरीजों को आवंटित बेड पर भर्ती करने, एमएस को हटाने की मांग को लेकर पिछले पांच दिन से प्रो. ओमशंकर अनशन कर रहे हैं। बुधवार को भी अनशन स्थल पर शिक्षकों, छात्रों ने समर्थन दिया।
बीएचयू हृदय रोग विभाग में अनशन पर बैठे प्रोफेसर ओमशंकर के समर्थन में बुधवार को छात्रों ने बीएचयू विश्वनाथ मंदिर से सिंह द्वार तक आक्रोश मार्च निकाला। थोड़ी ही दूर पर आदर्श आचार संहिता का हवाला देते हुए लंका थाना प्रभारी ने छात्रों को रोक लिया। इस पर छात्रों की उनके साथ नोकझोंक भी हुई। हालांकि छात्र नहीं माने और बीएचयू गेट तक आए। बीएचयू के सुरक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। वहीं, छात्रों पर आचार संहिता उल्लंघन के मामले में कार्रवाई की जा सकती है।
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शाम को छात्रों, छात्र संगठनों ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आक्रोश मार्च निकाला। विश्वविद्यालय प्रशासन पर प्रो. ओमशंकर की मांगों पर कार्रवाई की मांग की गई।
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इस बीच लंका इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा टीम के साथ पहुंचे और आदर्श आचार संहिता, धारा 144 लागू होने की बात कहकर मार्च निकालने से मना किया। कहा कि अगर इसका पालन नहीं हुआ तो मुकदमा दर्ज करना पड़ेगा। इंस्पेक्टर ने बताया कि समझाने के बाद भी बात नहीं मानी गई, उच्चाधिकारियों से कार्रवाई की अनुमति मांगी गई है।
बोले अधिकारी
आक्रोश मार्च निकाले जाने की सूचना किसी ने भी नहीं दी थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस आशय के पत्र से जानकारी मिली थी। इसकी सूचना पुलिस को दे दी गई है। सुरक्षा कर्मियों को अलर्ट किया गया है। - प्रो. शिवप्रकाश सिंह, चीफ प्रॉक्टर, बीएचयू
बीएचयू प्रशासन जल्द ले सकता है कोई अहम फैसला
बीएचयू में प्रो. ओमशंकर के अनशन पर बैठने के बाबत उनकी मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जल्द ही कोई अहम फैसला लिया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार प्रोफेसर ने जो मांगें रखी हैं, उसको लेकर आईएमएस बीएचयू प्रशासन के साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन के कुछ अधिकारी मंथन कर रहे हैं। बेड आवंटित करने, डिजिटल लॉक के साथ ही अन्य मांगों को लेकर कोई ठोस फैसला जल्द लिए जाने के आसार हैं।