समस्या की तस्वीरें दिखाईं।
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धरना दे रहे छात्रों ने एक वीडियो भी दिखाया। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी समस्या लेकर वार्डेन के पास पहुंचे एक छात्र को धक्का दिया गया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सुरक्षाधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि शिकायत करने पर उन्हें हॉस्टल से निकालने की धमकी दी जा रही है। छात्रों ने कहा कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान किया जाता तो उन्हें किताब, बैग और कपड़े लेकर सड़क पर बैठकर विरोध करने की जरूरत नहीं पड़ती।
धरने की जानकारी मिलने पर हॉस्टल के वार्डेन सत्यप्रकाश मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की। उन्होंने छात्रों को बताया कि उनकी शिकायतों को विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष भेज दिया गया है। वार्डेन के अनुसार समस्याओं के समाधान में अभी कुछ समय लगेगा। इसके बाद छात्रों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग दोहराई।