एक लाख से अधिक पांडुलिपियां हैं संरक्षित
सरस्वती भवन में प्राचीन कृषि शास्त्र पर आधारित पांडुलिपियां हैं, जो कृषि के शोध छात्रों के लिए सहायक हैं। इसमें कृषि के प्राचीन तौर तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया है। साथ ही प्राचीन यंत्रशास्त्र की पांडुलिपियां हैं, जिसमें पुराने जमाने के यंत्रों के बारे में विस्तार से वर्णन किया गया है।
यह पुस्तक आईआईटी और इंजीनियरिंग के शोध छात्रों के लिए उपयोगी होगी। पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. राजनाथ ने बताया कि अध्ययन के लिए उद्देश्य और गाइड का एप्रूवल लेटर देना होगा। शोध छात्र अपने संबंधित विषय के लिए ही आवेदन कर सकेंगे। उन्हें पांडुलिपियों की फोटो कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी।
सौ साल से अधिक प्राचीन सरस्वती भवन पुस्तकालय में एक लाख से अधिक दुर्लभ पांडुलिपियां संरक्षित हैं। हस्तलिखित एक हजार साल पुरानी श्रीमद्भागवत देश की प्राचीनतम पांडुलिपि है।